मां वैष्णो देवी के दरबार में दिव्यांग श्रद्धालुओं को मिला खास सम्मान, मुफ्त घोड़े से लेकर भोजन और विशेष दर्शन तक की सुविधा

श्राइन बोर्ड की संवेदनशील पहल से सुगम हुई यात्रा, सुविधाएं पाकर भावुक हुए श्रद्धालु; बोले- ऐसी व्यवस्था की कल्पना नहीं थी

कटड़ा। मां वैष्णो देवी के दरबार में आस्था के साथ सेवा और संवेदनशीलता की भी अनूठी तस्वीर देखने को मिल रही है। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने ऐसी विशेष व्यवस्थाएं कीं, जिससे उनकी यात्रा सुगम और यादगार बन गई। निशुल्क घोड़े, बैटरी कार, विशेष दर्शन और भोजन जैसी सुविधाएं पाकर श्रद्धालु भावुक हो उठे और मां के जयकारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की।

नवरात्र महोत्सव में भाग लेने के लिए वीरवार को कटड़ा पहुंचे करीब 200 दिव्यांग श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। यात्रा के दौरान श्राइन बोर्ड की ओर से उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए गए, ताकि उन्हें दर्शन के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

घोड़े से बैटरी कार तक, हर कदम पर मिला सहयोग

श्राइन बोर्ड ने दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधार शिविर कटड़ा से यात्रा मार्ग पर जरूरत के अनुसार निशुल्क घोड़ों की व्यवस्था की। अर्धकुंवारी से भवन तक पहुंचने के लिए निशुल्क बैटरी कार सेवा उपलब्ध कराई गई। भवन पर मां के विशेष दर्शन और निशुल्क भोजन की सुविधा भी दी गई। दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को सम्मानपूर्वक वापस आधार शिविर तक पहुंचाया गया।

इन व्यवस्थाओं ने दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए कठिन मानी जाने वाली यात्रा को काफी आसान बनाया। सेवा और सहयोग का यह अनुभव उनके लिए मां के दर्शन के साथ एक यादगार पल बन गया।

'ऐसी सुविधाओं की कल्पना नहीं की थी'

मां के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और संतोष साफ नजर आया। उन्होंने श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इतनी सुविधाओं के साथ दर्शन का अवसर मिलेगा, इसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाकर मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की और इस अनुभव को शब्दों में बयां करना मुश्किल बताया।

अब तक 500 से 600 दिव्यांग श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

जानकारी के अनुसार, मौजूदा शारदीय नवरात्र के दौरान अब तक करीब 500 से 600 दिव्यांग श्रद्धालु श्राइन बोर्ड की निशुल्क सुविधाओं का लाभ लेकर मां के दर्शन कर चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 40 से 50 दिव्यांग श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

श्राइन बोर्ड की यह पहल दर्शाती है कि आस्था के इस पावन धाम में श्रद्धालुओं की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है। विशेष जरूरतों वाले श्रद्धालुओं के लिए किए गए ये इंतजाम मां वैष्णो देवी की यात्रा को अधिक सुलभ, सहज और यादगार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।