मां वैष्णो देवी के दरबार जाने का बना रहे हैं प्लान? यात्रा को लेकर बड़ी राहत, आरएफआईडी से रोपवे तक जानें पूरा अपडेट

मां वैष्णो देवी के दरबार जाने का बना रहे हैं प्लान? यात्रा को लेकर बड़ी राहत, आरएफआईडी से रोपवे तक जानें पूरा अपडेट

कम भीड़ के बीच श्रद्धालुओं को मिल रहे सुगम दर्शन, रहने-खाने की बेहतर सुविधाएं; सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत

कटड़ा। मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए अच्छी खबर है। पवित्र धाम की यात्रा इन दिनों सुचारु रूप से जारी है और प्रतिदिन करीब 14 से 18 हजार श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा पहुंचकर मां के दर्शन के लिए भवन की ओर रवाना हो रहे हैं। यात्रा में अपेक्षाकृत कम भीड़ होने से श्रद्धालुओं को रास्ते में सुविधाजनक यात्रा के साथ भवन पर भी आसानी से मां के दिव्य दर्शन का अवसर मिल रहा है।

कम भीड़ का सीधा फायदा श्रद्धालुओं को ठहरने, भोजन और अन्य यात्री सुविधाओं में मिल रहा है। यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत रखी गई है और जगह-जगह सहायता केंद्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं की मदद की जा रही है।

आरएफआईडी कार्ड के बिना यात्रा नहीं

मां वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करने से पहले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा पंजीकरण कराकर आरएफआईडी यात्रा कार्ड लेना अनिवार्य है। कटड़ा में स्थापित यात्रा पंजीकरण केंद्रों पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है। यात्रा चौबीसों घंटे जारी रहती है, जबकि पंजीकरण केंद्र निर्धारित समय के अनुसार सुबह पांच बजे से रात दस बजे तक संचालित होते हैं।

आरएफआईडी व्यवस्था के जरिए यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निगरानी को बेहतर बनाया गया है। इसलिए कटड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालु यात्रा शुरू करने से पहले अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।

पैदल यात्रा के साथ घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा

कटड़ा से मां वैष्णो देवी भवन की दूरी करीब 13.5 किलोमीटर है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और क्षमता के अनुसार पारंपरिक मार्ग अथवा ताराकोट मार्ग से यात्रा कर सकते हैं। पैदल यात्रा के अलावा घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

श्राइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कटड़ा से भवन तक हेलीकॉप्टर सेवा और अर्धकुंवारी से भवन मार्ग पर बैटरी कार सेवा भी उपलब्ध कराई जाती है। हालांकि मौसम खराब होने पर हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हो सकती है।

बारिश में भी श्रद्धालुओं के लिए लगातार सुविधाएं

बरसात के मौसम में यात्रा मार्ग की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कहीं मलबा, कंकर-पत्थर या कीचड़ आने की स्थिति में सुरक्षा कारणों से संबंधित मार्ग या बैटरी कार सेवा को अस्थायी रूप से रोका जाता है। सफाई और निरीक्षण के बाद मार्ग को दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है।

इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को सुचारु बनाए रखने में मदद मिल रही है।

मां के दर्शन के बाद भैरव घाटी जाना भी आसान

मां के भवन में दर्शन के बाद श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। यहां जाने के लिए पैदल मार्ग के साथ घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा श्राइन बोर्ड की रोपवे सेवा भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सुविधा बनी हुई है।

बरसात के बावजूद मौसम अनुकूल रहने पर रोपवे सेवा सुचारु रहने से श्रद्धालुओं को भैरव घाटी तक पहुंचने में काफी सहूलियत मिल रही है।

जगह-जगह हेल्प डेस्क, सुरक्षा बल मुस्तैद

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विभिन्न स्थानों पर हेल्प डेस्क और सूचना केंद्र बनाए गए हैं। किसी श्रद्धालु के रास्ता भटकने, परिवार के सदस्य से बिछड़ने या किसी आपात स्थिति में इन केंद्रों से सहायता ली जा सकती है।

यात्रा मार्ग पर आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान लगातार निगरानी कर रहे हैं। इससे श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में माता के दरबार तक पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए सबसे अच्छी बात

कम भीड़, बेहतर सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के चलते वर्तमान समय में मां वैष्णो देवी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए काफी सुविधाजनक बनी हुई है। अगर आप भी माता के दरबार में हाजिरी लगाने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा से पहले पंजीकरण और आरएफआईडी कार्ड की प्रक्रिया पूरी करना न भूलें और मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें।