मंडलायुक्त ने फीता काटकर किया मंडलीय सरस मेले का शुभारंभ, 45 स्टॉलों पर सजे ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद

मंडलायुक्त ने फीता काटकर किया मंडलीय सरस मेले का शुभारंभ, 45 स्टॉलों पर सजे ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद

डीएम ने उत्पादों की खरीदारी कर बढ़ाया महिलाओं का उत्साह, अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मेले में पहुंचकर खरीदारी करने की अपील

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत पंचायत भवन परिसर में 2 से 6 नवंबर तक आयोजित मंडलीय सरस मेला-2026 का मंगलवार को मंडलायुक्त ने फीता काटकर शुभारंभ किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने मेले में लगाए गए सभी स्टॉलों का भ्रमण किया और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली। इस दौरान जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी भी मौजूद रहीं।

मंडलायुक्त ने ग्रामीण महिलाओं के उद्यम और स्वरोजगार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे मेले महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, उनकी पहचान बनाने और बिक्री के नए अवसर प्रदान करने का प्रभावी माध्यम हैं।

जिलाधिकारी ने भी सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने जनपद के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से मेले में पहुंचकर अधिक से अधिक खरीदारी करने की अपील की। साथ ही आमजन को भी समूहों के उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित करने को कहा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उत्पादों की मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार बेहतर बनाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग मेले तक पहुंचें और महिलाओं की बिक्री बढ़ सके।

मुख्य विकास अधिकारी ने समूह की महिलाओं से संवाद कर उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन की जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने तथा व्यापक बाजार तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मेले में मुरादाबाद मंडल के विभिन्न जनपदों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कुल 45 स्टॉल लगाए हैं। इनमें सरसों का तेल, मसाले, हथकरघा उत्पाद, जूट के सामान, स्वच्छता संबंधी उत्पाद, श्री अन्न से बनी खाद्य सामग्री, दीपावली के दीपक और सजावटी सामान सहित कई स्थानीय एवं हस्तनिर्मित उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारियों के अनुसार मेले में प्रतिभागियों के ठहरने, खानपान और होटल से मेला स्थल तक आवागमन की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।

मंडलीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।