बाल व्यास आस्था किशोरी की पहली श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ

महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने दिया आशीर्वाद, गुरु अनमोल कृष्ण महाराज के मार्गदर्शन को बताया महत्वपूर्ण

वृंदावन। श्रीधाम वृंदावन के कैलाश नगर क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भक्तिमय वातावरण में हुआ। 12 वर्षीय बाल व्यास आस्था किशोरी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर पहली बार श्रीमद्भागवत कथा का वाचन प्रारंभ किया। इस अवसर पर महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने पहुंचकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

आस्था किशोरी पांच वर्ष की उम्र से ही अनमोल गुरुकुलम में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उन्होंने अपनी पहली कथा के अवसर पर कहा कि श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। इसका सबसे बड़ा श्रेय उनके माता-पिता को जाता है। साथ ही उनके गुरु अनमोल कृष्ण महाराज का भी विशेष योगदान है, जिनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने माता-पिता और गुरु के प्रति आभार व्यक्त किया।

अनमोल कृष्ण महाराज को शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक मार्गदर्शन से जुड़े गुरु के रूप में उल्लेखित करते हुए आस्था किशोरी ने उनके योगदान को अपनी यात्रा में महत्वपूर्ण बताया। उनके मार्गदर्शन में गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण करते हुए आस्था किशोरी ने कथा वाचन की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इस अवसर पर महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने बाल व्यास को आशीर्वाद देते हुए कामना की कि वह श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश जन-जन तक पहुंचाती रहें। कथा के शुभारंभ से कैलाश नगर क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम में देवाशीष मिश्रा, प्रतीक मिश्रा, सौरभ गौड़ एवं अनेक संत एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।