डीन से मतभेदों के बीच सह प्राध्यापक डॉ. जैन का इस्तीफा

 

2018 में सहायक प्राध्यापक के रूप में शुरू किया था सफर, दिसंबर 2025 में पूरा हुआ तीन साल का अनुबंध; इस्तीफे में निजी कारण बताए


 दतिया- दतिया मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में पदस्थ सह प्राध्यापक डॉ. हेमंत कुमार जैन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डॉ. जैन ने कॉलेज प्रबंधन को त्यागपत्र भेजने के साथ सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की। इस्तीफे में उन्होंने सेवा जारी नहीं रखने के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। साथ ही नियमानुसार एक माह का वेतन जमा करने की सहमति भी जताई है।

डॉ. जैन ने अप्रैल 2018 में दतिया मेडिकल कॉलेज में सहायक प्राध्यापक के रूप में सेवाएं शुरू की थीं। दिसंबर 2022 में पदोन्नति के बाद उन्हें प्राध्यापक की जिम्मेदारी मिली। दिसंबर 2025 में उनका तीन वर्ष का अनुबंध भी पूरा हो चुका था। लंबे समय से मेडिसिन विभाग में सेवाएं दे रहे डॉ. जैन के अचानक इस्तीफे से मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठाते रहे सवाल

डॉ. जैन पिछले कुछ समय से मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज कराते रहे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो के माध्यम से उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। इसी दौरान कॉलेज प्रबंधन और उनके बीच मतभेद भी सामने आते रहे।

विदेश यात्रा से जुड़े एक मामले में उनके खिलाफ जांच किए जाने की बात सामने आई थी। डॉ. जैन का पक्ष रहा कि इस मामले में उन्हें दोषमुक्त किया गया। इसके बाद अन्य मामलों को लेकर भी जांच और पत्राचार चलता रहा। पोर्टेबल इको मशीन से जुड़े मामले में भी उनके खिलाफ जांच की जानकारी सामने आई थी। हालांकि इन मामलों की वर्तमान स्थिति और जांच के निष्कर्षों को लेकर कॉलेज प्रबंधन की ओर से विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

सीआर और पत्रों के जवाब को लेकर भी जताई थी नाराजगी

डॉ. जैन ने कॉलेज प्रबंधन को भेजे गए पत्रों के जवाब नहीं मिलने और सीआर (गोपनीय चरित्रावली) दिखाए जाने को लेकर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने इस संबंध में सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत किए जाने की बात कही थी। उनका आरोप था कि उन्हें मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।

डीन बोले- इस्तीफे की जानकारी नहीं, नियमों के अनुसार होगा निर्णय

मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. दीपक सिंह मरावी ने कहा कि उन्हें डॉ. जैन के इस्तीफे की जानकारी नहीं है। कार्यालय बंद होने के कारण वे फिलहाल बाहर हैं। सोमवार को कॉलेज पहुंचने के बाद मामले को देखेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह नियुक्ति के लिए नियम निर्धारित हैं, उसी तरह इस्तीफा स्वीकार करने की भी प्रक्रिया है। नियमों की पूर्ति के बाद ही इस्तीफे पर निर्णय लिया जाएगा। डीन ने कहा कि डॉ. जैन के खिलाफ फिलहाल कोई जांच प्रस्तावित नहीं है।

संपादकीय नजर | इस्तीफा निजी कारणों से... या मतभेदों का भी असर?

डॉ. हेमंत जैन का इस्तीफा केवल एक चिकित्सक के पद छोड़ने की खबर नहीं है। यह दतिया मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक पारदर्शिता और संस्थान के भीतर संवाद की स्थिति पर भी सवाल खड़े करता है।

इस्तीफे में डॉ. जैन ने निजी कारणों को आधार बनाया है। लिहाजा उनके फैसले के पीछे किसी दूसरे कारण को अंतिम सत्य मान लेना उचित नहीं होगा। लेकिन दूसरी ओर, पिछले कुछ समय में उनके और कॉलेज प्रबंधन के बीच सामने आए मतभेदों को नजरअंदाज भी नहीं किया जा सकता।

विदेश यात्रा से जुड़ी जांच हो, पोर्टेबल इको मशीन का मामला हो या पत्रों के जवाब और सीआर से संबंधित शिकायतें?इन मुद्दों पर यदि किसी चिकित्सक और प्रबंधन के बीच लगातार पत्राचार और विवाद की स्थिति बनती है तो उसका असर संस्थान के माहौल पर पड़ना स्वाभाविक है।

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या मेडिकल कॉलेज में असहमति और शिकायतों के लिए पर्याप्त संस्थागत संवाद की व्यवस्था है? यदि किसी वरिष्ठ चिकित्सक को अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया या सीएम हेल्पलाइन का सहारा लेना पड़े, तो यह व्यवस्था की समीक्षा का विषय जरूर बनता है।

हालांकि दूसरी तरफ प्रबंधन का पक्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। डीन ने स्पष्ट किया है कि इस्तीफे की जानकारी उन्हें फिलहाल नहीं है और नियमों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी। इसलिए पूरे मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।

डॉ. जैन का इस्तीफा स्वीकार होता है या नहीं, यह प्रशासनिक प्रक्रिया का विषय है। लेकिन इस घटनाक्रम ने मेडिकल कॉलेज में प्रशासन और चिकित्सकों के बीच संवाद, पारदर्शिता और कार्य-संतोष को लेकर बहस जरूर छेड़ दी है।

अब सोमवार को कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस्तीफे पर क्या निर्णय लिया जाता है और डॉ. जैन द्वारा पूर्व में उठाए गए मुद्दों पर क्या स्थिति स्पष्ट होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।