कुल्लू घाटी के ‘अमरफल’ की रेल से ढुलाई, फिरोजपुर मंडल को 5.86 लाख रुपये की आय

कुल्लू घाटी के ?अमरफल? की रेल से ढुलाई, फिरोजपुर मंडल को 5.86 लाख रुपये की आय

11 से 26 सितंबर तक लुधियाना से 30 टन अमरफल की हुई ढुलाई, 1126 पैकेज रेल के जरिए भेजे गए

फिरोजपुर। हिमाचल प्रदेश की कुल्लू घाटी में उत्पादित प्रसिद्ध अमरफल अब रेल परिवहन के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंच रहा है। फिरोजपुर मंडल द्वारा माल ढुलाई को बढ़ावा देने की दिशा में की गई पहल से रेलवे को अच्छी आय प्राप्त हुई है। 11 सितंबर से 26 सितंबर तक लुधियाना से कुल 30 टन अमरफल की ढुलाई रेल के माध्यम से की जा चुकी है।

इस दौरान 1126 पैकेज रेल के जरिए भेजे गए, जिससे फिरोजपुर मंडल को करीब 5.86 लाख रुपये की आय हुई है। कम समय में बड़ी मात्रा में फल की रेल से ढुलाई होना मंडल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

रेलवे की इस पहल से किसानों, फल उत्पादकों और व्यापारियों को अपने उत्पाद दूर-दराज के बाजारों तक पहुंचाने के लिए एक सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन माध्यम उपलब्ध हो रहा है। रेल के माध्यम से बड़ी मात्रा में माल भेजे जाने से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलती है।

फिरोजपुर मंडल के सीनियर मंडल वाणिज्य प्रबंधक फ्रेट परमदीप सिंह सैनी के नेतृत्व में माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच अमरफल की यह ढुलाई मंडल के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आई है। रेलवे द्वारा स्थानीय उत्पादों की ढुलाई को प्रोत्साहित करने से न केवल रेल राजस्व में वृद्धि हो रही है, बल्कि उत्पादकों और व्यापारियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा मिल रही है।

रेलवे का प्रयास है कि अधिक से अधिक स्थानीय कृषि एवं बागवानी उत्पादों को रेल परिवहन से जोड़ा जाए, ताकि किसानों और व्यापारियों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध हो सके और रेलवे की माल ढुलाई आय में भी वृद्धि हो।