काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में होगा पूरा, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ; बनारस से 10 मेमू ट्रेनों को भी मिली हरी झंडी

काशी से दिल्ली का सफर अब 8 से 9 घंटे में होगा पूरा, वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ; बनारस से 10 मेमू ट्रेनों को भी मिली हरी झंडी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया शुभारंभ, यात्रियों के साथ रेल कर्मचारियों की सुविधाओं का भी रखा गया ध्यान

वाराणसी। पूर्वांचल के रेल यात्रियों के लिए 31 अक्टूबर का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वाराणसी सिटी-राजातालाब और प्रयागराज रामबाग-बनारस के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया। इन नई सेवाओं से वाराणसी, प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी।

शुभारंभ से पहले मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का निरीक्षण किया। इस दौरान रेल मंत्री ने ट्रेन में मौजूद बच्चों, यात्रियों, रेल कर्मचारियों और लोको पायलटों से बातचीत की। उन्होंने कर्मचारियों को यात्रियों के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार करने और ट्रेन में स्वच्छता के मानकों को बनाए रखने का संदेश दिया।

रात में काशी से चलकर सुबह दिल्ली पहुंचेंगे यात्री

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले काशी से दिल्ली पहुंचने में 13 से 14 घंटे लगते थे, लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से यह दूरी अब 8 से 9 घंटे में पूरी होगी। यात्री रात में काशी से रवाना होकर सुबह दिल्ली पहुंच सकेंगे और दिल्ली से रात में चलकर सुबह वाराणसी पहुंचेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का आधुनिक स्वरूप तेजी से विकसित हो रहा है। उत्तर प्रदेश की सभी रेल लाइनें ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत हो चुकी हैं। प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

बनारस से 10 मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बनारस से 10 मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। इनमें 8 मेमू ट्रेनें वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चलेंगी। इनके मार्ग में वाराणसी, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशन शामिल हैं। वाराणसी सिटी से राजातालाब तक मासिक सीजन टिकट का किराया मात्र 95 रुपये निर्धारित किया गया है।

वहीं 2 मेमू ट्रेनें बनारस से प्रयागराज के बीच संचालित होंगी। इनके मार्ग में राजातालाब, माधोसिंह, ज्ञानपुर रोड, हंडिया खास और झूंसी स्टेशन शामिल हैं। विद्यार्थियों के लिए बनारस से प्रयागराज तक मासिक सीजन टिकट का किराया 220 रुपये रखा गया है। इन ट्रेनों से छात्रों, किसानों, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

वंदे भारत स्लीपर में कर्मचारियों की सुविधाओं का भी ध्यान

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों के साथ-साथ ट्रेन में काम करने वाले कर्मचारियों की सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है। ऊपरी और मध्य बर्थ पर चढ़ने के लिए नए तरीके की सीढ़ियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए बड़ी सौगात है।

दिल्ली से वाराणसी का सफर साढ़े तीन घंटे में होगा पूरा

रेल मंत्री ने बताया कि सरकार ने बुलेट ट्रेन के उत्तरी कॉरिडोर को मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर दिल्ली से आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज और पटना होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर करीब साढ़े तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी तरह स्वदेशी होगी।

रेल मंत्री ने यह भी बताया कि चालू वित्त वर्ष में उत्तर प्रदेश में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने 20,012 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यह 2009 से 2014 के बीच तत्कालीन सरकार द्वारा आवंटित राशि से 18 गुना अधिक है।

कई जनप्रतिनिधि और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

वहीं प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने नई रेल सेवाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' और विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक उदय बोरवणकर, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश पाण्डेय, बीएलडब्ल्यू के महाप्रबंधक आशुतोष पन्त सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।