उत्तर मध्य रेलवे में पहली बार ई-नीलामी से आवंटित हुए प्रीमियम ब्रांड के 3 कैटरिंग आउटलेट, यात्रियों को मिलेंगे बेहतर खानपान विकल्प

उत्तर मध्य रेलवे में पहली बार ई-नीलामी से आवंटित हुए प्रीमियम ब्रांड के 3 कैटरिंग आउटलेट, यात्रियों को मिलेंगे बेहतर खानपान विकल्प

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने और रेलवे के राजस्व में वृद्धि करने की दिशा में नई पहल की है। प्रयागराज मंडल ने पहली बार ई-नीलामी के माध्यम से कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर 3 प्रीमियम ब्रांड कैटरिंग आउटलेट का 5 वर्षों के लिए आवंटन किया है। इन आउटलेट का आवंटन आईटीसी और नेस्ले जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय ब्रांड को किया गया है।

2 नवंबर 2026 को संपन्न हुई ई-नीलामी में कानपुर सेंट्रल पर आईटीसी को एक आउटलेट आवंटित किया गया। इसके लिए 22,74,786 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है। इस अनुबंध का कुल मूल्य लगभग 1.21 करोड़ रुपये है।

वहीं प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर आईटीसी को 14,14,786 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर आउटलेट दिया गया है। इसका कुल अनुबंध मूल्य लगभग 75 लाख रुपये है। प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 6 पर नेस्ले को 18,11,000 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क पर आउटलेट आवंटित किया गया है। इस अनुबंध का कुल मूल्य लगभग 96 लाख रुपये है।

हर साल रेलवे को मिलेगा करीब 54 लाख रुपये का राजस्व

तीनों आउटलेट के आवंटन से रेलवे को लगभग 54 लाख रुपये वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है। वहीं 5 वर्षों की पूरी अनुबंध अवधि में लगभग 2.92 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इससे प्रयागराज मंडल के गैर-किराया राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन प्रतिष्ठित ब्रांड के आउटलेट शुरू होने से यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य एवं पेय पदार्थों के अधिक विकल्प मिलेंगे। साथ ही कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर खानपान सेवाओं का स्तर बेहतर होगा।

उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल पारदर्शी ई-नीलामी व्यवस्था के माध्यम से यात्री सुविधाओं में सुधार करने और रेलवे के लिए राजस्व के नए स्रोत विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।