उत्तर मध्य रेलवे ने सर्दियों में सुरक्षित रेल संचालन के लिए कसी कमर, पटरियों की निगरानी और कोहरे से निपटने की तैयारी तेज

प्रयागराज। सर्दियों के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे ने शीत ऋतु 2026-27 की तैयारियां तेज कर दी हैं। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडलों में संरक्षा उपायों और रेलवे ट्रैक के रखरखाव को लेकर व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत पटरियों की नियमित जांच, शीतकालीन गश्त, जीपीएस से निगरानी और कोहरे में सुरक्षित ट्रेन संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रेलवे की ओर से मुख्य रेलमार्गों पर पटरियों, वेल्ड, स्विच एक्सपेंशन जॉइंट और पॉइंट्स एंड क्रॉसिंग की अल्ट्रासोनिक जांच की नियमित निगरानी की जा रही है। रेल का तापमान निर्धारित सीमा से नीचे जाने पर विशेष शीतकालीन गश्त शुरू की जाएगी। गश्ती कर्मचारियों को जीपीएस ट्रैकर, संकेतक लैंप, डेटोनेटर और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि पटरियों या वेल्ड में दरार और अन्य खामियों का समय रहते पता लगाया जा सके।

जीपीएस से होगी गश्ती कर्मचारियों की निगरानी

शीतकालीन गश्त के दौरान कर्मचारियों की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नजर रखी जाएगी। सहायक मंडल इंजीनियर कार्यालयों, मंडलीय इंजीनियरिंग नियंत्रण कक्षों और मुख्यालय स्तर पर गश्त की रिपोर्टों की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही औचक जांच के माध्यम से कर्मचारियों की लोकेशन और कार्यों का सत्यापन भी किया जाएगा।

आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहेगा रेलवे

रेलवे ने आपातकालीन मरम्मत के लिए आवश्यक सामग्री का स्टॉक गैंग हट, रेलवे क्रॉसिंग और स्टेशनों पर रखने की व्यवस्था की है। इसमें सफेद रंग से चिह्नित जॉगल फिश प्लेट, क्लैंप, लकड़ी के ब्लॉक और अतिरिक्त रेल शामिल हैं। इससे ट्रैक में किसी प्रकार की खराबी आने पर मरम्मत कार्य तेजी से किया जा सकेगा।

कोहरे में सुरक्षित संचालन पर विशेष जोर

सर्दियों में घने कोहरे के कारण ट्रेनों के संचालन में आने वाली चुनौतियों को देखते हुए फॉग सेफ डिवाइस की उपलब्धता और कार्यक्षमता सुनिश्चित की जा रही है। यह जीपीएस आधारित उपकरण लोको पायलटों को आने वाले सिग्नलों और रेलवे फाटकों के संबंध में श्रव्य एवं दृश्य चेतावनी देता है। इसके अलावा रेल कर्मचारियों को कोहरे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में नियमित प्रशिक्षण और परामर्श दिया जा रहा है।

संरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अनुभागीय इंजीनियरों, सहायक मंडल इंजीनियरों और वरिष्ठ मंडलीय अधिकारियों द्वारा रात्रिकालीन निरीक्षण और औचक जांच भी की जा रही है। उत्तर मध्य रेलवे का लक्ष्य शीत ऋतु 2026-27 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों के सुचारु संचालन और रेलवे ट्रैक की मजबूती के उच्च मानकों को बनाए रखना है।