Chandauli News:रामनगर में फुल एनकाउंटर, 30 लाख का इनामी टीपीसी कमांडर बृजेश गंझू ढेर चंदौली में प्रवेश से पहले पुलिस ने घेरा, फायरिंग के बाद जवाबी कार्रवाई में लगी गोली

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चंदौली/वाराणसी। चंदौली में प्रवेश करने से पहले रविवार की भोर रामनगर थाना क्षेत्र में यूपी एटीएस और झारखंड के प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी) के कमांडर बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के बीच मुठभेड़ हो गई। टेंगरा मोड़ स्थित लंका मैदान के पास हुई मुठभेड़ में 30 लाख रुपये के इनामी बृजेश गंझू को गोली लगी। पुलिस टीम उसे अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, बृजेश गंझू पुत्र पंचू गंझू निवासी लूट्टू, थाना लावालौंग, जिला चतरा (झारखंड) अपने एक साथी के साथ मोटरसाइकिल से टेंगरा मोड़ से रामनगर होते हुए मुगलसराय की ओर जा रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर यूपी एटीएस की टीम ने रामनगर क्षेत्र में घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया।पुलिस का कहना है कि टीम के रुकने का इशारा करने के बावजूद बृजेश मोटरसाइकिल से उतरकर पुलिस टीम पर फायरिंग करने लगा। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में बृजेश गंझू को गोली लगी। घायल हालत में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मुठभेड़ के दौरान बृजेश की ओर से की गई फायरिंग में यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण की बुलेटप्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों पुलिसकर्मी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना के बाद मौके पर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी।

बृजेश गंझू को झारखंड में प्रतिबंधित टीपीसी का शीर्ष कमांडर बताया जाता था। उस पर झारखंड सरकार की ओर से 25 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस तरह उसके ऊपर कुल 30 लाख रुपये का इनाम था। एनआईए से जुड़े मामलों में भी उसका नाम सामने आया था।मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियां बृजेश के वाराणसी पहुंचने, उसके साथी और स्थानीय संपर्कों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं। पुलिस उसके नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों की भी पड़ताल कर रही है। घटना के बाद चंदौली-वाराणसी सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।