हैदराबाद में गाजीपुर के किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए मिल रहा विशेष प्रशिक्षण।

गाजीपुर।जनपद के किसानों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के अंतर्गत श्री अन्न (मोटे अनाज) के उत्पादन, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के महत्व को समझाने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस विशेष प्रशिक्षण में किसानों को श्री अन्न के रूप में आने वाले बाजरा, रागी, कोदो, कंगुनी, ज्वार, सावा, चेना, कूटकी जैसे मोटे अनाजों की खेती की उन्नत कृषि तकनीकियों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

पोषक तत्वों से भरपूर अनाज और आधुनिक उत्पादों पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को मोटे अनाजों की उपयोगिता और इनसे जुड़े पोषक तत्वों का महत्व बताया जा रहा है। विशेष रूप से बच्चों और बड़ों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, फाइबर, आयरन, और अन्य आवश्यक खनिजों की मौजूदगी को देखते हुए इन अनाजों को आधुनिक खाद्य पदार्थों के रूप में कैसे शामिल किया जा सकता है, इसका विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। किसानों को मोटे अनाजों से तैयार बिस्कुट, नमकीन, पास्ता, कुकीज जैसे उत्पादों को बनते हुए दिखाया जा रहा है। साथ ही, इन उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और आधुनिक तकनीकी का उपयोग करने के बारे में भी विस्तार से बताया जा रहा है, ताकि ये किसान अपनी उपज का अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

प्रसंस्करण मशीनों की जानकारी और उपलब्धता पर भी ध्यान
प्रशिक्षण में प्रसंस्करण से जुड़ी मशीनों की जानकारी और उनकी उपलब्धता के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। किसानों को इन मशीनों के संचालन और उपयोग के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है, ताकि वे अनाज के प्रसंस्करण से लेकर अंतिम उत्पाद तक की पूरी प्रक्रिया को खुद समझ सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। इस पहल का उद्देश्य किसानों को नई कृषि तकनीकों में दक्ष करना और मोटे अनाजों की उपयोगिता को बढ़ावा देना है, ताकि वे भविष्य में इन उत्पादों को स्थानीय और राष्ट्रीय बाजारों में उतार सकें।

प्रतिभागी किसान और उनकी भूमिका
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में गाजीपुर के विभिन्न गांवों के किसान भाग ले रहे हैं, जिनमें ग्राम पोखरन के तेजप्रताप सिंह और विनोद सिंह, ग्राम मढ़ियां के बृजेश सिंह, ग्राम तेतारपुर के पवन चौबे (विकास खंड सैदपुर), ग्राम दूबैठा (विकास खंड देवकली) के अमन उपाध्याय, ग्राम अमौरा (विकास खंड भदौरा) के प्रशांत सिंह और अंकित कुमार सिंह, ग्राम खलिसपुर (विकास खंड सदर) के हरीश मिश्रा, अशोक सिंह, और क़ासिमाबाद के राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं। यह किसान प्रशिक्षण से मिली जानकारी का लाभ अपने क्षेत्र के अन्य किसानों को भी प्रदान करेंगे, जिससे पूरे जनपद में श्री अन्न की खेती और प्रसंस्करण को प्रोत्साहन मिलेगा।

गाजीपुर के इन किसानों को श्री अन्न अनुसंधान संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करते देखना प्रेरणादायक है। यह प्रयास भारतीय कृषि के भविष्य को नई दिशा देने और किसानों की आय को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।