146 साल पुरानी विरासत का जश्न, सुकना स्टेशन पर महोत्सव आयोजित

सिलीगुड़ी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे की 146 साल पुरानी ऐतिहासिक और स्थापत्य विरासत को समर्पित सुकना स्टेशन महोत्सव का आयोजन किया। तीन अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ रेल अधिकारियों और गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया। समारोह में ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया।

महोत्सव के दौरान महाप्रबंधक ने नवीनीकृत सुकना संग्रहालय का उद्घाटन किया। संग्रहालय में दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे के समृद्ध इतिहास और संचालन से जुड़ी विरासत को प्रदर्शित किया गया है। इसके साथ ही डीएचआर की विरासत और इतिहास पर आधारित संग्राहक संस्करण के प्रथम संस्करण का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में सिलीगुड़ी के नारायणा स्कूल और सुकना स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों के लिए निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनके प्रत्येक वर्ग के तीन विजेताओं को डीएचआर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। कलाकार अजय सरकार ने लाइव नेल आर्ट का प्रदर्शन किया और कलाकृति सुकना के स्टेशन प्रबंधक को सौंपी।

समारोह के बाद महाप्रबंधक ने 125 वर्ष पुराने हेरिटेज लोकोमोटिव 780बी और एक फ्लैट वैगन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ऐतिहासिक तिनधरीया रेल कारखाने में इस वैगन का 36 वर्ष बाद पुनर्बहाली कार्य पूरा किया गया है। डीएचआर की संचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए गिड्डेपहाड़ साइडिंग को 21 वर्ष बाद पुनः खोल दिया गया।

रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गिड्डेपहाड़ में आरपीएफ की नई बैरक का भी उद्घाटन किया गया। इससे सुरक्षा कर्मियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सुकना स्टेशन महोत्सव के माध्यम से पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने विरासत संरक्षण, बुनियादी ढांचे के विकास और स्थानीय भागीदारी को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया। ऐतिहासिक रेल इंजन और अन्य धरोहर संपत्तियों के संरक्षण के साथ डीएचआर की सुविधाओं को आधुनिक रूप देने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।