नगर पालिका चुनाव: गार्डन के पीछे उरांव पारा बस्ती में दर्जनभर से कम घर, मतदाता 109,जांच की उठी मांग

बैकुंठपुर। नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने और मतदाताओं की संख्या को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर पालिका क्षेत्र के एक वार्ड में गार्डन के पीछे स्थित उरांव पारा बस्ती में दर्जनभर से भी कम घर होने के बावजूद 109 मतदाताओं के नाम दर्ज होने की बात सामने आने के बाद मतदाता सूची की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। स्थानीय स्तर पर इस आंकड़े को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने की मांग की जा रही है।

कम घरों में 109 मतदाता, कैसे हुआ सत्यापन?

उरांव पारा बस्ती में मकानों की संख्या और मतदाताओं की संख्या के बीच अंतर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि बस्ती में दर्जनभर से कम घर हैं, जबकि यहां 109 मतदाता दर्ज होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मतदाता सूची तैयार करते समय घर-घर जाकर सत्यापन किया गया था या नहीं हालांकि, केवल मकानों की संख्या और मतदाताओं के आंकड़े के आधार पर किसी प्रकार की अनियमितता की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए मतदाता सूची, परिवारों की वास्तविक संख्या, निवास संबंधी जानकारी और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है। यदि एक ही मकान में कई परिवार निवास करते हैं, तो मतदाताओं की संख्या अधिक होने का कारण भी हो सकता है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जा रही है।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

नगर पालिका चुनाव के मद्देनजर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी भी वार्ड में मतदाताओं की संख्या को लेकर संदेह सामने आने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे तथ्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करें। स्थानीय लोगों की मांग है कि उरांव पारा बस्ती की मतदाता सूची का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन कराया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि सूची में दर्ज सभी मतदाता संबंधित वार्ड के वास्तविक निवासी हैं या नहीं और उनके नाम नियमानुसार दर्ज किए गए हैं या नहीं।

चुनावी समीकरण प्रभावित होने की आशंका

नगर पालिका चुनाव में प्रत्येक वार्ड के मतदाताओं की संख्या उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण पर असर डाल सकती है। ऐसे में मतदाता सूची को लेकर उठने वाले सवालों को गंभीरता से लेना आवश्यक है। यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है, तो नियमानुसार सुधारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, यदि सूची सही पाई जाती है, तो अधिकारियों को तथ्यों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।

निर्वाचन अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग

उरांव पारा बस्ती में 109 मतदाताओं के नाम दर्ज होने के मामले में संबंधित वार्ड की मतदाता सूची की जांच, मकानों की वास्तविक संख्या का सत्यापन और मतदाताओं के निवास की पुष्टि कराने की मांग उठ रही है अब देखना होगा कि निर्वाचन विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर क्या कदम उठाता है। निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिल सकेगा।