देवरिया बाजार के दुर्गा पूजा मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, सुरक्षा में मुस्तैद रही राजेसुल्तानपुर पुलिस

आलापुर, अंबेडकर नगर। विजयदशमी पर्व के दो दिन बाद देवरिया बाजार में आयोजित दुर्गा पूजा मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। थाना राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस बाजार में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ा। मेले में चारों ओर माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजेसुल्तानपुर पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।

मालूम हो कि क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर विजयदशमी के बाद देवरिया बाजार में दुर्गा पूजा मेले का आयोजन किया जाता है। मेले के समापन के बाद दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। यह परंपरा काफी समय से चली आ रही है। इस अवसर पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, जिससे मेला क्षेत्र में देर रात तक रौनक बनी रहती है।

मेले में महिलाओं और बच्चों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय अपने हमराही पुलिसकर्मियों के साथ मेला क्षेत्र में लगातार भ्रमण करते रहे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

वहीं, नव दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रामचंद्र चौरसिया, दुर्गा प्रसाद चौबे, संजय शर्मा, अनिल चौरसिया, ग्राम प्रधान दिलीप चौरसिया और जितेन्द्र श्रीवास्तव सहित समिति के अन्य सदस्य भी पुलिस बल के साथ मेले में भ्रमणशील रहे। समिति के सदस्य लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते रहे।

ग्रामीण क्षेत्र का प्रमुख मेला होने के कारण यहां महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है। ऐसे में मेले को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन और पूजा समिति के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे मेला क्षेत्र में सतर्कता बनाए रखी।

थानाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय ने पर्याप्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की। देर रात तक चलने वाले मेले में श्रद्धालुओं की आवाजाही और उनकी सुरक्षित घर वापसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को तैनात रखा गया, ताकि लोग शांतिपूर्ण माहौल में माता रानी के दर्शन कर सकें और मेले का आनंद उठा सकें।