एनएफआर की 12 और ट्रेनें अब इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी, सालाना 140 करोड़ रुपये की बचत

एनएफआर की 12 और ट्रेनें अब इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ेंगी, सालाना 140 करोड़ रुपये की बचत

डीजल की खपत में 98.55 लाख लीटर की कमी और कार्बन उत्सर्जन में सालाना 26,411 टन की गिरावट का अनुमान

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने पर्यावरण अनुकूल रेल परिचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 16 अक्टूबर 2026 से 12 और ट्रेन सेवाओं को डीजल से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष में इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन पर चलने वाली ट्रेन सेवाओं की संख्या बढ़कर 30 हो गई है।

इस बदलाव में लचित एक्सप्रेस, डेकारगाँव-सिलापथार एक्सप्रेस, रंगिया-मुरकंगसेलेक एक्सप्रेस, रंगिया-न्यू तिनसुकिया एक्सप्रेस, रंगिया-लीडो एक्सप्रेस और गुवाहाटी-लीडो इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे के अनुसार, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से सालाना लगभग 98.55 लाख लीटर डीजल की बचत होगी। इससे हर साल करीब 140 करोड़ रुपये की बचत होने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में लगभग 26,411 टन की कमी आने का अनुमान है।

इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन संचालन होने पर रास्ते में इंजन बदलने की जरूरत कम होगी। इससे यात्रा के समय में बचत और ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, हेड-ऑन जनरेशन तकनीक के माध्यम से ट्रेन के डिब्बों को बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे एलएचबी कोचों में जनरेटर कारों के लिए डीजल की खपत घटेगी और शोर तथा वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

यह उपलब्धि महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव और प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर सुधांशु कृष्ण दुबे के मार्गदर्शन तथा मंडल टीमों के समन्वित प्रयासों से हासिल हुई है। एनएफआर ने क्षेत्र में स्वच्छ, ऊर्जा-कुशल और विश्वसनीय रेल सेवाओं के विस्तार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।