अणुव्रत सुपरफास्ट ट्रेन में एक करोड़ की चोरी का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार 700 ग्राम सोना, 500 ग्राम चांदी और पांच लाख रुपये नकद बरामद

बीकानेर। मदुरै से बीकानेर आने वाली गाड़ी संख्या 22631 अणुव्रत वातानुकूलित सुपरफास्ट एक्सप्रेस में यात्रियों के सामान से एक करोड़ रुपये से अधिक कीमत के जेवरात और नकदी चोरी के मामले का आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है। मामले में चार आरोपियों को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 700 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी, पांच लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा बोलेरो बरामद की गई है।

?ऑपरेशन यात्री सुरक्षा? के तहत गठित संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज, यात्री आरक्षण चार्ट, टीटीई और सहयात्रियों के बयान के साथ टोल, फास्टैग और तकनीकी इनपुट को जांच में शामिल किया। मकराना रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में चार संदिग्ध ट्रेन में सवार होते दिखाई दिए। स्टेशन के बाहर मिली काली महिंद्रा बोलेरो की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई और तकनीकी सुरागों के जरिए आरोपियों की गतिविधियों को ट्रेस किया गया।

जांच टीम सुरागों के आधार पर हरियाणा पहुंची और अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

जांच में सामने आया कि आरोपी श्री बालाजी स्टेशन के पास यात्रियों से सामान रखने में मदद करने के बहाने संपर्क करते थे। इसी दौरान वे यात्रियों और उनके सामान पर नजर रखते थे। इसके बाद चिलो स्टेशन के दौरान सूटकेस का ताला खोलकर उसमें रखे जेवरात और नकदी चोरी कर ली गई।

11 सितंबर की वारदात से शुरू हुई जांच

मंगी देवी और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित 11 सितंबर को नागपुर से नोखा की यात्रा कर रही थीं। दोनों बी-1 कोच में बर्थ संख्या 25 और 28 पर सवार थीं। यात्रा के दौरान उनके सूटकेस से जेवरात और नकदी चोरी हो गई। मामले में विक्रम रमेश राजपुरोहित की शिकायत पर 14 सितंबर को जीआरपी बीकानेर में प्रकरण संख्या 42/2026 दर्ज किया गया था।

पूछताछ में आरोपियों ने गैंग में छह से सात सदस्यों के शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार गैंग लंबी दूरी की ट्रेनों के वातानुकूलित कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को निशाना बनाती थी। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर चोरी की शेष संपत्ति बरामद करने और गैंग के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्रवाई जीआरपी बीकानेर की थानाधिकारी नेहा राजपुरोहित और आरपीएफ नागौर के उप निरीक्षक रमेश कुमार के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने की। टीम में जीआरपी साइबर सेल के सहायक उपनिरीक्षक दीपेंद्रपाल सिंह, कांस्टेबल राजाराम, दिलीप कुमार और अनिल कुमार शामिल रहे।