यूपीआई पर टैक्स के विरोध में उतरे अधिवक्ता, सरकार से टैक्स वापस लेने की मांग

कासगंज। यूपीआई के माध्यम से होने वाले लेनदेन पर टैक्स लगाए जाने के विरोध में शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस एडवोकेट के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यूपीआई पर लगाए गए टैक्स को तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आम जनता का जीना दुश्वार हो गया है। सरकार आमजन के हित में नीतियां बनाने में पूरी तरह विफल है और केवल अपने कॉरपोरेट मित्रों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया का नारा दिया और इसके बाद आमजन ने यूपीआई के जरिये लेनदेन करना शुरू किया। अब जब आम आदमी डिजिटल लेनदेन का आदी हो गया है तो सरकार ने यूपीआई पर टैक्स लगा दिया। उन्होंने इसे नैतिकता और आमजन के हितों के विपरीत बताते हुए कहा कि अधिवक्ता और आम जनता इस टैक्स का घोर विरोध करते हैं। सरकार को जनहित में इसे तत्काल वापस लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश का छात्र, नौजवान और आम आदमी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार मांगता है, लेकिन सरकार उसे केवल टैक्स दे रही है। उन्होंने सरकार से यूपीआई पर लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग दोहराई।

बैठक को केशव मिश्रा और मोहम्मद अयाज ने भी संबोधित किया। उन्होंने भी सरकार से यूपीआई पर लगाए गए टैक्स को वापस लेने की पुरजोर मांग की।

प्रदर्शन में कमल कुमार सिंह यादव, अंकित मिश्रा, अंजुम राहत, रतन शुक्ला, प्रेम सिंह, मोहम्मद यासीन, विशाल पांडे, सत्येंद्र राजपूत, विनोद, अमरुद्दीन, योगेंद्र, रिंकू, विक्रांत चौहान, नरेंद्र शर्मा, रामेश्वर, अभिषेक कुमार, राज, रितेश, हिमांशु शर्मा, अयोध्या प्रसाद, जितिन मौर्य, मोहम्मद खालिद सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।