छोटा उदेपुर–धार रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, टाण्डा रोड तक पहुंची नई रेल लाइन

छोटा उदेपुर धार रेल परियोजना ने पकड़ी रफ्तार, टाण्डा रोड तक पहुंची नई रेल लाइन

गुजरात और मध्य प्रदेश के आदिवासी एवं दूरदराज के क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने वाली छोटा उदेपुर धार नई रेल परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। परियोजना के तहत डेकाकुण्ड से टाण्डा रोड स्टेशन तक करीब 16 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इससे टाण्डा रोड और प्रतापनगर के बीच यात्री रेल सेवा शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। इस खंड पर जल्द ही नई रेल सेवा शुरू होने की उम्मीद है।

157 किलोमीटर लंबी है पूरी परियोजना

छोटा उदेपुर से मध्य प्रदेश के धार तक बनने वाली यह नई रेल लाइन करीब 157 किलोमीटर लंबी है। परियोजना का उद्देश्य गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क को बेहतर बनाने के साथ ही अलीराजपुर, धार और आसपास के आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ना है।

परियोजना का करीब 72.3 किलोमीटर हिस्सा मध्य प्रदेश में है। यह रेल लाइन छोटा उदेपुर, अलीराजपुर और धार जिलों से होकर गुजरेगी। धार जिले में परियोजना की लगभग 68 किलोमीटर लंबाई शामिल है। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 1,447.26 करोड़ रुपये है और इसे दिसंबर 2027 तक पूरा एवं कमीशन करने का लक्ष्य रखा गया है।

जोबट टाण्डा रोड रेलखंड भी तैयार

परियोजना के अंतर्गत जोबट से टाण्डा रोड के बीच 28 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण भी पूरा हो चुका है। करीब 334 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस रेलखंड से गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच रेल संपर्क को और मजबूती मिलेगी।

स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन का तेज, सुविधाजनक और किफायती साधन मिलेगा। इसके साथ ही कृषि उत्पाद, स्थानीय उपज और अन्य सामान को बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। इससे स्थानीय व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है।

छोटा उदेपुर धार रेल परियोजना को आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए विकास की नई रेल कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन और मजबूत होगा तथा लंबे समय से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे क्षेत्रों को व्यापक रेल नेटवर्क से जुड़ने का लाभ मिलेगा।