पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की 98वीं जेडआरयूसीसी बैठक संपन्न, रेल विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर हुआ मंथन

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की क्षेत्रीय रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति (जेडआरयूसीसी) की 98वीं बैठक 25 अगस्त 2026 को मालीगांव में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने की। बैठक में पूर्वोत्तर राज्यों में रेल कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे के विस्तार और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में सांसद डॉ. जयंत कुमार राय,खगेन मुर्मू,तापिर गाव, डॉ. इन्द्वा हांग सुब्बा,कृपनाथ मल्लाह और एस. फांगनोन कोन्माक सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। नागालैंड के विधायक ए. पोंगशी फोम और मिजोरम के लेफ्टिनेंट कर्नल क्लेमेंट लालमिंगथांगा भी मौजूद रहे। इसके अलावा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी, सांसदों के प्रतिनिधि, विभिन्न रेल उपयोगकर्ता संगठनों और पूर्वोत्तर राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल एवं बिहार के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।

रेल विद्युतीकरण 4,170 मार्ग किलोमीटर तक पहुंचा

महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने पूर्वोत्तर में रेलवे की विभिन्न उपलब्धियों और चल रही परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि रेल विद्युतीकरण का विस्तार 4,170 मार्ग किलोमीटर तक हो चुका है। यात्रियों की जरूरतों और प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में 15 नई ट्रेन सेवाएं और 250 से अधिक अतिरिक्त ठहराव शुरू किए गए हैं। इससे पूर्वोत्तर के विभिन्न हिस्सों में रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की राजधानियों तक बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध कराने और क्षेत्र के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

92 स्टेशनों का होगा पुनर्विकास

बैठक में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 92 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की जानकारी भी दी गई। इसके साथ ही स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन, पानी की वेंडिंग मशीन और क्यूआर आधारित टिकटिंग जैसी आधुनिक यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।

महाप्रबंधक ने बइरबी-सायरंग रेल परियोजना, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में चल रही रेल परियोजनाओं, तिनसुकिया तक रेल दोहरीकरण और नए सरायघाट पुल के निर्माण की प्रगति का भी उल्लेख किया।

सुरक्षा, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स पर भी जोर

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे द्वारा रेल परिचालन की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के विस्तार के लिए नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल तथा जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ाया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने दिए सुझाव

बैठक में सांसदों और विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित रेल सेवाओं, नई ट्रेनों, अतिरिक्त ठहराव, बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए। महाप्रबंधक ने आश्वासन दिया कि व्यावहारिक सुझावों पर प्राथमिकता और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विचार किया जाएगा।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों और रेल उपयोगकर्ताओं के सुझावों को रेलवे की सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण बताते हुए उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

बैठक के समापन पर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने सुरक्षित, आधुनिक, कुशल और यात्री-केंद्रित रेल व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अधिकारियों के अनुसार, जनप्रतिनिधियों, राज्य सरकारों और रेल उपयोगकर्ताओं के साथ निरंतर संवाद से पूर्वोत्तर में बेहतर रेल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं के विकास को और गति मिलेगी।