पुणे यार्ड में ट्रैक अवसंरचना को मिला मजबूती का नया आधार, 52 किग्रा डायमंड डबल स्लिप को 60 किग्रा में बदला

पुणे। मध्य रेल के पुणे मंडल ने पुणे यार्ड में ट्रैक अवसंरचना को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य पूरा किया है। मंडल ने पुणे यार्ड में चौथे 52 किग्रा डायमंड डबल स्लिप संख्या 251/252 को सफलतापूर्वक 60 किग्रा में परिवर्तित किया। इस उन्नयन से व्यस्त पुणे यार्ड में ट्रैक की मजबूती, टिकाऊपन और परिचालन विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है।

डायमंड डबल स्लिप एक जटिल ट्रैक व्यवस्था है, जिसके माध्यम से ट्रेनों को एक-दूसरे को काटने वाली पटरियों के बीच कई दिशाओं में आवागमन की सुविधा मिलती है। 52 किग्रा से 60 किग्रा रेल व्यवस्था में बदलाव के बाद ट्रैक भारी भार और बढ़ते रेल यातायात को अधिक प्रभावी ढंग से संभाल सकेगा।

इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए 23 अगस्त को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक नौ घंटे का यातायात एवं विद्युत अवरोध लिया गया था। निर्धारित अवधि में कार्य पूरा कर शाम 5 बजे अवरोध हटा दिया गया और रेल परिचालन को बहाल कर दिया गया।

कई महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य पूरे

रूपांतरण के दौरान फिटिंग्स सहित आठ स्टॉक रेल और आठ टंग रेल बदली गईं। इसके अलावा दो एक्यूट क्रॉसिंग, दो ऑब्ट्यूज क्रॉसिंग, आठ एप्रोच रेल और चार लीड रेल भी बदली गईं। चार इन-सिटू ग्लूड जॉइंट तैयार किए गए तथा छह प्रीफैब्रिकेटेड ग्लूड जॉइंट लगाए गए।

सिग्नलिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रॉडिंग सहित चार स्विच मोटर भी बदली गईं। वहीं, शैडो ब्लॉक के दौरान कुल 122 मैनुअल टीएसआर पूरे किए गए।

इंजीनियरिंग और सिग्नलिंग टीम ने मिलकर संभाला मोर्चा

कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग और सिग्नलिंग विभाग की टीमों ने समन्वित रूप से काम किया। अभियान में 200 पी-वे कर्मचारियों, एक ग्लूड जॉइंट टीम, चार ब्लैकस्मिथ, 25 सिग्नल एवं दूरसंचार कर्मचारियों, पांच पी-वे पर्यवेक्षकों और आठ सिग्नल एवं दूरसंचार पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया।

मध्य रेल के अनुसार, पुणे यार्ड में किया गया यह उन्नयन ट्रैक की मजबूती और विश्वसनीयता बढ़ाने के साथ-साथ भविष्य की बढ़ती यातायात आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे पुणे यार्ड में रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, सुचारू और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।