उच्च न्यायालय के आदेशों पर कितना सजग ऊंचाहार तहसील प्रशासन

लगभग डेढ़ वर्षों में उच्च न्यायालय से न्याय मिला ऊंचाहार तहसील प्रशासन को रसूखदारों के फोन ने रोक रखा

उच्च न्यायालय से दो बार नोटिस भी भेजी जा चुकी है

रायबरेली।जनपद के तहसील ऊंचाहार अंतर्गत बरसवां मजरे कंदरावां नवीन परती भूमि पर कब्जे के मामले में शिकायत कर्ता को न्यायालय से न्याय तो मिला,लेकिन उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों का अनुपालन कराने में ऊंचाहार तहसील प्रशासन अपने आप को असमर्थ महसूस कर रहा है।सूत्रों की बातों पर गौर करें तो तहसील में तैनात कर्मियों को किसी न किसी रसूखदार का फोन गड़ गड़ाने पर न्यायालय के निर्देशों में अवरोध उत्पन्न हो रहा है।पूरा मामला वर्ष 2025 जनवरी से ग्राम सभा की राजस्व अभिलेखों में नवीन परती भूमि गाटा संख्या 4033 दर्ज है।जिसमें गांव के भूमाफियों ने चरही दिवाल बनाकर अतिक्रमण/कब्जा कर लिया था।शिकायतकर्ता द्वारा तहसील प्रशासन से लेकर जनपद और प्रदेश के अधिकारियों को मामले से अवगत कराया था।किंतु न्याय न मिलने पर न्यायालय की शरण से न्याय मिला लेकिन ऊंचाहार तहसील प्रशासन आज भी न्यायालय के 90 दिनों के अंदर सरकारी भूमि,ग्राम सभा की भूमि से अवैध कब्जों को हटाने में असफल साबित हो रहा है,न्यायालय के आदेशों को भी दरकिनार कर रहा है।