फार्मास्युटिकल उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जतिंदर कुमार शारदा की पुस्तक ‘फार्मा पीसीडी डिकोडेड’ का विमोचन

फार्मास्युटिकल उद्यमी एवं उद्योग मार्गदर्शक जतिंदर कुमार शारदा द्वारा लिखित पुस्तक ?फार्मा पीसीडी डिकोडेड? का पंचकूला में आयोजित एक विशेष समारोह में औपचारिक विमोचन किया गया। इस अवसर पर फार्मास्युटिकल उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि, औषधि नियामक अधिकारी, उद्यमी, परिवार के सदस्य एवं मित्र उपस्थित रहे।

समारोह में हरियाणा के पूर्व ड्रग कंट्रोलर श्री ललित कुमार गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में श्री परवीन चौधरी, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर, सहित लगभग 40 फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रबंध निदेशक एवं वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

इस आयोजन ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र से जुड़े विभिन्न वर्गों को एक मंच पर एकत्र किया। पुस्तक का उद्देश्य लेखक के 25 वर्षों से अधिक के व्यावसायिक और उद्यमशील अनुभव को व्यावहारिक ज्ञान के रूप में अगली पीढ़ी तक पहुंचाना है।

फार्मा पर आधारित पुस्तक, लेकिन सीख उद्यमिता की भी

?फार्मा पीसीडी डिकोडेड? फार्मा पीसीडी व्यवसाय को समझने, शुरू करने और उसे दीर्घकालिक रूप से सफल बनाने के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है।

पुस्तक में फार्मा पीसीडी उद्यमियों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई है। इनमें सही कंपनी का चयन, ड्यू डिलिजेंस, उत्पाद चयन, गुणवत्ता का आकलन, निवेश की योजना, क्षेत्र एवं मोनोपॉली रणनीति, मूल्य निर्धारण, मार्जिन, वर्किंग कैपिटल, इन्वेंटरी मैनेजमेंट, ग्राहक संबंध और सतत व्यावसायिक विकास जैसे विषय शामिल हैं।

हालांकि, पुस्तक का दायरा केवल फार्मास्युटिकल उद्योग तक सीमित नहीं है।

कैश फ्लो, मैनेजमेंट, टीम बिल्डिंग, लोगों का प्रबंधन, नेतृत्व, जिम्मेदारियों का वितरण, निर्णय लेने की क्षमता, व्यावसायिक अनुशासन, असफलता और फिर से खड़े होने की क्षमता जैसे विषयों के माध्यम से यह पुस्तक उन चुनौतियों पर भी बात करती है, जिनका सामना लगभग हर क्षेत्र के उद्यमियों और व्यवसायियों को करना पड़ता है।

पुस्तक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा स्वयं लेखक की उद्यमशील यात्रा पर आधारित है। इसमें उनके शुरुआती व्यवसाय की असफलता, दोबारा शुरुआत करने के अनुभव और उन सीखों का उल्लेख है, जिन्होंने आगे चलकर एक सफल फार्मास्युटिकल समूह के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस अवसर पर बायोपोलिस ग्रुप ऑफ कंपनीज के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं पुस्तक के लेखक जतिंदर कुमार शारदा ने कहा:

?जिस व्यवसाय को इस पुस्तक में डिकोड किया गया है, वह फार्मा पीसीडी है, लेकिन इसकी बहुत-सी सीख वास्तव में उद्यमिता से जुड़ी है।?

पुस्तक उद्यमिता को केवल सफलता की कहानियों के माध्यम से प्रस्तुत नहीं करती, बल्कि गलतियों, असफलताओं और व्यवसाय की कठिन वास्तविकताओं पर भी खुलकर चर्चा करती है। इसका उद्देश्य पाठकों को बेहतर और सोच-समझकर निर्णय लेने में सहायता करना तथा उन्हें उन महंगी गलतियों से बचाना है, जिन्हें अक्सर व्यवसाय में केवल अनुभव और समय के बाद ही समझा जा सकता है।