मारवाड़ बागरा में खुलेगा माल कारोबार का नया द्वार, बनेगा अत्याधुनिक रेलवे गुड्स शेड लूनी-समदड़ी-भीलड़ी दोहरीकरण परियोजना में प्रावधान, व्यापारियों के साथ श्रमिकों को भी मिलेंगी आधुनिक सु

जोधपुर। रेल विकास के साथ अब मारवाड़ बागरा और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार एवं रोजगार के नए अवसरों की राह भी खुलने जा रही है। लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड के दोहरीकरण परियोजना के तहत मारवाड़ बागरा स्टेशन पर अत्याधुनिक रेलवे गुड्स शेड विकसित करने का प्रावधान किया गया है। यह गुड्स शेड क्षेत्र में माल परिवहन को नई गति देने के साथ स्थानीय व्यापार को मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।

खास बात यह है कि प्रस्तावित गुड्स शेड में केवल व्यापारियों और माल कारोबारियों की सुविधाओं पर ही ध्यान नहीं दिया गया है, बल्कि माल की लोडिंग-अनलोडिंग से जुड़े श्रमिकों के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और श्रमिकों को बेहतर एवं व्यवस्थित कार्य वातावरण उपलब्ध होने की उम्मीद है।

दूर-दराज के बाजारों तक आसानी से पहुंचेगा माल

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मारवाड़ बागरा में गुड्स शेड विकसित होने के बाद आसपास के व्यापारिक क्षेत्रों से आने वाले माल को रेलवे के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों तक भेजना आसान होगा। यहां माल की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए व्यवस्थित आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा।

गुड्स शेड के माध्यम से सड़क और रेल परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा। सड़क मार्ग से पहुंचने वाले माल को रेलवे वैगनों में लोड कर निर्धारित गंतव्य तक भेजा जा सकेगा। इसी तरह बाहर से आने वाले माल को वैगनों से उतारकर स्थानीय बाजारों और संबंधित स्थानों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।

श्रमिकों को भी मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

गुड्स शेड की योजना में श्रमिकों की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। माल की हैंडलिंग, लोडिंग और अनलोडिंग में लगे श्रमिकों के लिए पेयजल, स्वच्छता, विश्राम स्थल सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाओं का प्रावधान किया जाएगा।

इससे गुड्स शेड में कार्यरत श्रमिकों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण मिलेगा। वहीं व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए भी माल की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

दोहरी रेल लाइन से बढ़ेगी परिचालन क्षमता

लूनी-समदड़ी-भीलड़ी रेलखंड का दोहरीकरण पश्चिमी राजस्थान के रेल नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। दोहरी लाइन बनने के बाद दोनों दिशाओं में ट्रेनों के संचालन के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे। वर्तमान सिंगल लाइन व्यवस्था में विपरीत दिशा से आने वाली ट्रेनों को क्रॉसिंग के लिए स्टेशनों पर रोकना पड़ता है। दोहरीकरण के बाद ऐसी परिचालन बाधाएं कम होंगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुचारु हो सकेगा।

इसका सीधा लाभ मालगाड़ियों के संचालन को भी मिलेगा। रेल लाइन की क्षमता बढ़ने से भविष्य में बढ़ने वाले माल यातायात को संभालने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। ऐसे में मारवाड़ बागरा का प्रस्तावित गुड्स शेड दोहरीकरण परियोजना के साथ विकसित होने वाली महत्वपूर्ण माल परिवहन सुविधा के रूप में सामने आएगा।

स्थानीय कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मारवाड़ बागरा में गुड्स शेड विकसित होने से आसपास के व्यापारिक और औद्योगिक क्षेत्रों को रेलवे नेटवर्क से बेहतर तरीके से जुड़ने का अवसर मिलेगा। बड़ी मात्रा में माल को रेल के माध्यम से लंबी दूरी तक भेजना आसान होने से कारोबारियों को परिवहन का किफायती और भरोसेमंद विकल्प मिल सकेगा।

गुड्स शेड के विकसित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ने की भी संभावना है। माल की ढुलाई, लोडिंग-अनलोडिंग, परिवहन और अन्य सहायक गतिविधियों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

कुल मिलाकर दोहरी रेल लाइन, आधुनिक गुड्स शेड और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं का यह संयोजन मारवाड़ बागरा और आसपास के क्षेत्रों में माल परिवहन तथा व्यापारिक गतिविधियों को नई गति देने वाला साबित हो सकता है। यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास और मजबूत रेल आधारभूत ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।