पादरा गांव की सड़कें बनीं दलदल, ग्रामीणों का पैदल और वाहनों से आवागमन हुआ बेहद जोखिम भरा, अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से ग्रामीणों में भारी आक्रोश

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। जिले के सागवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत पादरा में मानसून की बारिश ने स्थानीय व्यवस्थाओं और बदहाल बुनियादी ढांचे की पोल खोलकर रख दी है। लगातार हो रही बारिश के कारण गांव के प्रमुख संपर्क मार्ग और आंतरिक सड़कें पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुकी हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों और जलभराव के चलते ग्रामीणों का पैदल चलना और वाहनों से गुजरना अत्यंत जोखिम भरा हो गया है, जिससे पूरे गांव में आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

ग्रामीणों ने बताया कि पादरा गांव की सड़कें पिछले लंबे समय से जर्जर स्थिति में थीं। मानसून के आगमन के साथ ही जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से स्थिति और अधिक भयावह हो गई है। सड़कों पर जमा कीचड़ के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे, किसान, महिलाएं और बुजुर्ग हो रहे हैं, जिन्हें अपने दैनिक कार्यों के लिए जान जोखिम में डालकर इन रास्तों से गुजरना पड़ रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा। किसी भी स्तर पर कोई ठोस और स्थायी कार्रवाई न होने का नतीजा आज पूरा गांव भुगत रहा है।

गांव में बढ़ते जनाक्रोश के बीच ग्रामीणों ने एक बार फिर जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत से गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए क्षतिग्रस्त रास्तों की तत्काल प्रभाव से मरम्मत कराई जाए तथा पानी की निकासी के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को इस प्रकार की नारकीय स्थिति का सामना न करना पड़े।