राजकुमार वानखेड़े ने उत्तर मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक का पदभार संभाला, 36 वर्षों के अनुभव का मिलेगा लाभ

प्रयागराज। भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी राजकुमार वानखेड़े ने उत्तर मध्य रेलवे के अपर महाप्रबंधक (एडिशनल जनरल मैनेजर) का पदभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार ग्रहण करने से उत्तर मध्य रेलवे को रेलवे संचालन, निर्माण, संरक्षा और आधारभूत ढांचे के विकास के क्षेत्र में उनके 36 वर्षों से अधिक के समृद्ध अनुभव का लाभ मिलेगा।

वर्ष 1990 बैच के भारतीय रेलवे सिविल इंजीनियरिंग सेवा (आईआरएसई) अधिकारी श्री वानखेड़े ने गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, औरंगाबाद से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक तथा आईआईटी मुंबई से स्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में एम.टेक. की उपाधि प्राप्त की है।

अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने पश्चिम रेलवे, मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, दक्षिण मध्य रेलवे, राइट्स (RITES) तथा नागपुर मेट्रो सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों और परियोजनाओं में विभिन्न जिम्मेदार पदों पर कार्य किया। उन्होंने रतलाम, वडोदरा और नांदेड़ मंडलों में भी उत्कृष्ट सेवाएं दीं।

रेल संरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने सुरंगों, गहरी कटिंग, पुलों और ट्रैक संरचना को अधिक सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए कई नवाचार किए। राजधानी मार्ग पर गति बढ़ाने, रेलवे भूमि से अतिक्रमण हटाने और दीर्घकालिक सुरक्षा संबंधी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

निर्माण संगठन में कार्य करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में नई रेल लाइनों, दोहरीकरण, मल्टी-ट्रैकिंग, सुरंगों तथा बड़े रेल पुलों जैसी अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया। इसके अलावा नागपुर मेट्रो के प्रोजेक्ट हेड के रूप में भी उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करते हुए आधुनिक शहरी परिवहन अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आपदा प्रबंधन, एसेट मैनेजमेंट, क्षमता विस्तार और त्वरित निर्णय लेने की उनकी कार्यशैली भारतीय रेलवे में विशेष रूप से सराही जाती रही है। उनका अनुभव और नेतृत्व उत्तर मध्य रेलवे की विकास परियोजनाओं, संरक्षा मानकों और यात्री सुविधाओं को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उत्तर मध्य रेलवे परिवार ने राजकुमार वानखेड़े का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में रेलवे के विकास, आधुनिकीकरण और सुरक्षित संचालन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।