रेल से खाद्यान्न ढुलाई हुई सस्ती, किसानों-व्यापारियों और आम जनता को मिलेगा बड़ा लाभ

जम्मू। आम जनता को महंगाई से राहत देने और गेहूं, चावल व आटा जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुओं की किफायती आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने खाद्यान्नों की रेल ढुलाई के मालभाड़े का युक्तिकरण किया है। नई व्यवस्था लागू होने से लंबी दूरी तक खाद्यान्न भेजना पहले की तुलना में अधिक सस्ता और सुविधाजनक होगा।

रेलवे के अनुसार अब मालभाड़ा दूरी के आधार पर अवरोही दरों पर निर्धारित किया गया है। नई व्यवस्था के तहत 1000 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1.55 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर, 1001 से 3000 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 1.15 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर तथा 3001 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए भी 1.15 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर की दर लागू रहेगी। इस बदलाव से लंबी दूरी तक खाद्यान्न की ढुलाई की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सड़क परिवहन की तुलना में रेल मार्ग से खाद्यान्न भेजना अधिक किफायती, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है। कम मालभाड़े से किसानों और व्यापारियों की परिवहन लागत घटेगी, जिससे बाजार में गेहूं, चावल और आटे जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने में मदद मिलेगी। साथ ही बारिश, बर्फबारी या भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में भी रेल परिवहन अपेक्षाकृत अधिक भरोसेमंद रहेगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं होगी।

रेल मार्ग से थोक में ढुलाई होने के कारण माल की टूट-फूट और क्षति की संभावना भी कम रहती है। इसके अलावा सड़कों पर भारी वाहनों का दबाव घटने से ईंधन की बचत, प्रदूषण में कमी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि यह निर्णय रेलवे की जनहितैषी नीति का हिस्सा है। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से अधिक से अधिक रेल परिवहन का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई किफायती, सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित की जा सकेगी।