तकनीक से अपडेट रहें, सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाएं: डीआरएम अनुराग त्रिपाठी

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेल सुरक्षा और आधुनिक तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भगत की कोठी डीजल शेड के सुपरवाइजरों एवं जूनियर इंजीनियरों के लिए विशेष तकनीकी प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। विकास केंद्र में आयोजित इस प्रशिक्षण में आधुनिक अनुरक्षण प्रणाली, सुरक्षित कार्य पद्धति और नवीन तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि रेल परिसंपत्तियों के विश्वसनीय अनुरक्षण, तकनीकी विफलताओं की रोकथाम तथा सुरक्षित एवं समयबद्ध रेल संचालन में सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे तकनीकी रूप से हमेशा अपडेट रहें, नई तकनीकों को अपनाएं और रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य संस्कृति विकसित करें।

डीआरएम ने प्रशिक्षण के दौरान सुपरवाइजरों से सीधे संवाद कर उनके कार्यक्षेत्र में आने वाली तकनीकी और परिचालन संबंधी चुनौतियों की जानकारी ली। उन्होंने अनुरक्षण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण, मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग तथा सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता न करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने कहा कि नियमित तकनीकी प्रशिक्षण से कर्मचारियों की कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे रेल परिचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और प्रभावी बनता है। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों के ज्ञान का आकलन करने के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

इस अवसर पर वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अभिषेक गांधी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान से सशक्त बनाकर रेलवे में सुरक्षित और उत्कृष्ट कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना रहा।