पुलिस का डबल एनकाउंटर भाई के हत्यारे हिस्ट्रीशीटर समेत 3 बदमाश गिरफ्तार

बरेली पुलिस ने मंगलवार को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो बड़ी कार्रवाइयों को अंजाम देते हुए पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पहली कार्रवाई शेरगढ़ थाना क्षेत्र में भाई की हत्या के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ हुई, जबकि दूसरी कार्रवाई भोजीपुरा थाना क्षेत्र में गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपियों के खिलाफ की गई। दोनों घटनाओं में पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीनों आरोपी भी पैर में गोली लगने से घायल हो गए। भाई के हत्यारे हिस्ट्रीशीटर का एनकाउंटर पुलिस के अनुसार 16 जुलाई को शेरगढ़ थाना क्षेत्र के खजुआ जागीर गांव में आपसी विवाद के दौरान गुड्डू उर्फ तौफीक ने अपने छोटे भाई इसरार को 12 बोर के तमंचे से गोली मार दी थी। इलाज के दौरान इसरार की मौत हो गई। मृतक की पत्नी की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही थी। 21 जुलाई की सुबह सूचना मिली कि आरोपी बाइक से कस्बापुर पुल की ओर आने वाला है। बाइक फिसलने पर पुलिस ने पकड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी भागने लगा। इस दौरान उसकी बाइक फिसल गई और खुद को घिरा देखकर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक आरक्षी घायल हो गया। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी गुड्डू उर्फ तौफीक के दाहिने पैर में गोली लगी। उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या में प्रयुक्त अवैध तमंचा बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध 12 बोर का तमंचा, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और एक स्प्लेंडर बाइक बरामद की। जांच में पुष्टि हुई कि इसी तमंचे से उसने अपने भाई की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार आरोपी शेरगढ़ थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ हत्या, लूट, गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट समेत 33 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। अब उसके खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला, मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपी भी मुठभेड़ में गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई भोजीपुरा थाना पुलिस ने की। गोतस्करी से पहले लिया हिरासत में मुखबिर की सूचना पर पुलिस को जानकारी मिली कि गौवध के एक पुराने मुकदमे में वांछित दो आरोपी तजुवा-मिलक करारा बड़ंजा मार्ग के पास एक खेत में गौवंशीय पशु को काटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घेराबंदी की और गौवंश को बचाने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने अवैध तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एक आरक्षी के बाएं हाथ में गोली लग गई। पुलिस ने आत्मरक्षा में की जवाबी कार्रवाई इस दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी और उन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धौराटांडा निवासी दानिश और फईम के रूप में हुई है। उनके कब्जे से दो अवैध .315 बोर तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो चाकू, एक बांका, एक दांव, लकड़ी का गुटका और रस्सियां बरामद की गईं। मौके से एक जीवित बैल भी सुरक्षित मुक्त कराया गया, जिसके चारों पैर और मुंह रस्सियों से बंधे हुए थे। पूछताछ में बड़ा खुलासा पूछताछ में दोनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे आर्थिक लाभ के लिए गौवंशीय पशुओं की हत्या कर मांस की तस्करी करते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि 18 और 19 जुलाई की रात अपने छह अन्य साथियों के साथ मिलकर धौराटांडा क्षेत्र में गौवध की घटना को अंजाम दिया था और मांस बेचकर पैसे कमाए थे। अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से वे दोबारा एक बैल को काटने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर उनकी योजना विफल कर दी। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर फरार छह अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। जानें क्या कहा पुलिस ने बरेली पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों और संगठित अवैध गतिविधियों में शामिल गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। दोनों मामलों में घायल पुलिसकर्मियों और आरोपियों का अस्पताल में उपचार कराया गया है। बरामद हथियारों, कारतूसों और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लेकर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।