पूर्व रेलवे को मिला पहला बहु-विषयक प्रशिक्षण संस्थान, रेल सुरक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण को मिलेगी नई मजबूती

कोलकाता। पूर्व रेलवे ने परिचालन सुरक्षा और कर्मचारियों के कौशल विकास को नई दिशा देते हुए सियालदह के बेलियाघाटा में पूर्व रेलवे के पहले बहु-विषयक मंडलीय प्रशिक्षण संस्थान (एमडीडीटीआई) सह कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण (सीबीटी) केंद्र का शुभारंभ किया। इसका उद्घाटन पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर ने किया।

यह संस्थान पूर्व रेलवे का पहला और भारतीय रेल के चुनिंदा सात ऐसे आधुनिक प्रशिक्षण संस्थानों में शामिल है। यहां परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, विद्युत और भंडार विभाग के कर्मचारियों को अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से व्यावहारिक एवं उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे रेल परिचालन की सुरक्षा और दक्षता को और मजबूत किया जा सके।

उद्घाटन के दौरान महाप्रबंधक ने स्मार्ट डिजिटल क्लासरूम का भी शुभारंभ किया और दिसंबर 2026 तक 120 टर्मिनलों वाले कंप्यूटर आधारित डिजिटल परीक्षा केंद्र के निर्माण के लिए 4.92 करोड़ रुपये की परियोजना की घोषणा की। संस्थान में ट्रेन सूचना प्रदर्शन बोर्ड (टीआईबी) प्रयोगशाला, इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर और स्लाइडिंग बैरियर प्रशिक्षण सुविधा, स्थायी पथ एवं सिग्नलिंग मॉडल कक्ष जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं।

संस्थान में 80 बिस्तरों वाला छात्रावास, कैफेटेरिया, पुस्तकालय, हाई-स्पीड वाई-फाई, अत्याधुनिक परीक्षा एवं मूल्यांकन केंद्र जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां अब तक 15 से अधिक विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिनमें 1,300 से अधिक कर्मचारियों और अभ्यर्थियों का पारदर्शी तरीके से मूल्यांकन हुआ है।

सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक राजीव सक्सेना ने संस्थान की भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए बताया कि 12.84 करोड़ रुपये की लागत से त्रि-आयामी मोशन सिम्युलेटर भवन बनाया जाएगा, जिससे लोको पायलटों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा। इसके अलावा 4.99 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सिग्नल एवं दूरसंचार मॉडल कक्ष विकसित किया जाएगा, जिसमें 'कवच' टक्कर-रोधी प्रणाली सहित नवीनतम सिग्नलिंग उपकरण लगाए जाएंगे।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि यह आधुनिक प्रशिक्षण संस्थान रेलवे में सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत करेगा तथा कर्मचारियों को नई तकनीकों से दक्ष बनाकर सुरक्षित और बेहतर रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।