अंबुबाची मेले में श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, भोजन वितरण से लेकर विशेष ट्रेनों तक किए व्यापक इंतजाम

मालीगांव। अंबुबाची मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं और यात्रियों की सुविधा के लिए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने इस वर्ष भी व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु कामाख्या मंदिर पहुंचते हैं और उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन लगातार सेवा कार्यों में जुटा हुआ है।

इसी क्रम में पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे महिला कल्याण संगठन ने अध्यक्ष श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव के नेतृत्व में कामाख्या रेलवे स्टेशन पर भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया। इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से अंबुबाची मेले में शामिल होने आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन, राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना था।

रेलवे की इस मानवीय पहल के जरिए यात्रियों और श्रद्धालुओं के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया गया। इसके अलावा मेले के दौरान यात्रियों की मदद के लिए प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भारतीय स्काउट्स एंड गाइड्स के स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। ये स्वयंसेवक यात्रियों को सही मार्गदर्शन देने, भीड़ नियंत्रण करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं, जिससे हजारों श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन रही है।

इसी के साथ रेलवे के वाणिज्य विभाग द्वारा गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर भी श्रद्धालुओं के लिए भोजन वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य यात्रा के दौरान यात्रियों को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा।

अंबुबाची मेले में यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने असम और उत्तर बंगाल के विभिन्न प्रमुख स्थानों को जोड़ने के लिए कई विशेष अनारक्षित ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। साथ ही नियमित यात्री ट्रेनों में अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे विभिन्न विभागों, स्वयंसेवी संगठनों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों के माध्यम से अंबुबाची मेले के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर रेल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा द्वारा दी गई।