मध्य रेल ने रचा इतिहास, जेएनपीटी से पहली बार रवाना हुई डबल स्टैक कंटेनर रेलगाड़ी

मध्य रेल ने रचा इतिहास, जेएनपीटी से पहली बार रवाना हुई डबल स्टैक कंटेनर रेलगाड़ी

मुंबई मंडल ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) की सीधी कनेक्टिविटी शुरू होने के बाद पहली बार डबल स्टैक कंटेनर रेलगाड़ी का सफल प्रेषण किया गया। यह उपलब्धि भारतीय रेलवे के माल परिवहन नेटवर्क को नई मजबूती देने वाली मानी जा रही है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार 20 जून 2026 को पहली बार मुंबई मंडल के माध्यम से डबल स्टैक कंटेनर रेक को लोड किया गया। यह रेलगाड़ी जेएनपीटी से संजन गति शक्ति मल्टी-मॉडल टर्मिनल के लिए रवाना की गई, जो पश्चिम रेलवे के मुंबई मंडल अंतर्गत संजन स्टेशन से जुड़ा हुआ है।

इस रेक में कुल 45 बीएलसीएम ए/बी वैगन लगाए गए थे। बीएलसीएम यानी बोगी लो प्लेटफॉर्म कंटेनर संशोधित फ्लैट वैगन। इस रेलगाड़ी को 20 जून को लोड किया गया और 21 जून 2026 को जेएनपीटी से रवाना किया गया। इसमें कुल 180 टीईयू कंटेनर लोड किए गए, जिनका कुल वजन 2544.07 टन था। यह रेक पश्चिमी समर्पित माल गलियारे के माध्यम से 232 किलोमीटर की दूरी तय कर अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई।

जेएनपीटी से पश्चिमी माल गलियारे के जरिए डबल स्टैक कंटेनर संचालन शुरू होने के साथ ही 20 जून को दो अन्य डबल स्टैक कंटेनर रेलगाड़ियां भी लोड की गईं। इनमें एक रेलगाड़ी गढ़ी हरसरू (दिल्ली मंडल) और दूसरी छोटा उदयपुर (वडोदरा मंडल) के लिए भेजी गई।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जेएनपीटी पोर्ट से सीधे डबल स्टैक कंटेनर ट्रेनों का संचालन माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने, सामान पहुंचाने में लगने वाला समय कम करने और बंदरगाहों से माल निकासी को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगा। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा और देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने बताया कि यह पहल राष्ट्रीय रेल योजना और प्रधानमंत्री गति शक्ति कार्यक्रम के लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे देश में माल परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।