नागपुर मंडल में द्वितीय पीएनएम बैठक संपन्न, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर हुआ मंथन

नागपुर मंडल में द्वितीय पीएनएम बैठक संपन्न, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान पर हुआ मंथन

नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में रेलवे कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, मांगों और उनके समाधान को लेकर वर्ष 2026 की द्वितीय स्थायी वार्ता तंत्र बैठक का सफल आयोजन 17 और 18 जून को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय स्थित सभागार में किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने की। वहीं मजदूर कांग्रेस यूनियन की ओर से मंडल समन्वयक एवं संयुक्त महासचिव इंदल दमाहे प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

रेलवे प्रशासन और मान्यता प्राप्त यूनियन के बीच आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में कर्मचारियों के हितों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। यूनियन द्वारा उठाए गए नए और लंबित कुल 76 मुद्दों पर गंभीरता के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान रेलवे प्रशासन ने कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए बड़ी संख्या में मामलों का संतोषजनक निपटारा किया।

बैठक में कार्यस्थल पर मिलने वाली सुविधाएं, सेवा संबंधी मामले, सुरक्षा व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाएं और कर्मचारियों की दैनिक कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न विषयों पर सकारात्मक और रचनात्मक संवाद हुआ। जिन समस्याओं का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए और तय समय सीमा में समाधान का आश्वासन दिया गया।

बैठक को संबोधित करते हुए मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों का कल्याण और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रशासन और यूनियन के बीच लगातार संवाद औद्योगिक सौहार्द बनाए रखने और बेहतर कार्यसंस्कृति विकसित करने का मजबूत आधार है।

बैठक में अपर मंडल रेल प्रबंधक राजेश चिखले, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्वेता एच.के. छोरिया सहित मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। मजदूर कांग्रेस यूनियन के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से रखा।

यह बैठक रेलवे प्रशासन और यूनियन के बीच बेहतर समन्वय, आपसी विश्वास और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के प्रति दोनों पक्षों की गंभीर प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनी।