कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनौली दोहरी रेल लाइन सीआरएस निरीक्षण के लिए तैयार

कटिहार। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार मंडल में रेलवे अवसंरचना विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। कटिहार-कुरेठा तथा कटिहार-सोनौली के बीच नवनिर्मित ब्रॉड गेज दोहरी रेल लाइन अब रेल सुरक्षा आयुक्त के वैधानिक निरीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है।

पूर्वोत्तर परिमंडल, कोलकाता के रेल सुरक्षा आयुक्त सुमित सिंघल 12 से 14 जून 2026 तक कटिहार (1.380 किमी) से कुरेठा (12.440 किमी) तथा कटिहार (1.327 किमी) से सोनौली (17.542 किमी) तक निर्मित नई दोहरी लाइन का विस्तृत निरीक्षण करेंगे। ये दोनों सेक्शन कटिहार-कुमेदपुर और कटिहार-मुकुरिया नई दोहरी लाइन परियोजनाओं का हिस्सा हैं।

करीब 64.14 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में रेल क्षमता बढ़ाना और परिचालन दक्षता को मजबूत करना है। परियोजना के अंतर्गत 2 महत्वपूर्ण पुल, 27 बड़े पुल, 23 छोटे पुल तथा आधुनिक रेलवे ट्रैक एवं अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

परियोजना के पूर्ण होने पर इस दोहरी लाइन कॉरिडोर से 16 रेलवे स्टेशन सीधे लाभान्वित होंगे। इससे ट्रेनों के संचालन में गति आएगी, लाइन क्षमता में वृद्धि होगी, भीड़भाड़ कम होगी तथा यात्रियों और माल परिवहन की सुविधा और अधिक बेहतर होगी।

तीन दिवसीय निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान रेल सुरक्षा आयुक्त नवनिर्मित ट्रैक, रेलवे स्टेशनों, पुलों, सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, विद्युत सुविधाओं, सुरक्षा प्रबंधों तथा अन्य तकनीकी संरचनाओं का गहन परीक्षण करेंगे। इसके अलावा मार्ग में स्थित विभिन्न फील्ड इंस्टॉलेशन और परिचालन व्यवस्थाओं की भी विस्तृत जांच की जाएगी।

वैधानिक प्रमाणन प्रक्रिया के तहत 14 जून को नवनिर्मित दोहरी लाइन खंडों पर स्पीड ट्रायल भी आयोजित किया जाएगा, जिसके माध्यम से ट्रैक और अन्य संरचनाओं की परिचालन क्षमता एवं सुरक्षा मानकों का आकलन किया जाएगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कटिहार-कुरेठा और कटिहार-सोनौली दोहरी लाइन सेक्शनों का पूरा होना पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इसके शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा ट्रेनों का परिचालन अधिक सुचारु, सुरक्षित और कुशल बन सकेगा।

कपिंजल किशोर शर्मा मुख्य जनसंपर्क अधिकारी