बच्चों को सेवा भाव सिखाना हमारी जिम्मेदारी - रामचंद्र

संस्कार स्कूल ने किया शरबत वितरण ,शहर में लगाए 4 स्टॉल

रायगढ़।भीषण गर्मी और तपती धूप से आम जनजीवन बेहाल है। ऐसे में शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान संस्कार पब्लिक स्कूल, रायगढ़ ने शहर के कमला नेहरू, कयाघाट चौंक, स्टेशन चौंक , निकले महादेव मंदिर के पास अलग अलग चार स्टॉल लगाकर सामाजिक सरोकार की एक सराहनीय मिसाल पेश की है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रबंधन ने सड़क से गुजरने वाले राहगीरों, श्रमिकों और आम जनता को ठंडा और शीतल शरबत बांटकर राहत पहुंचाई। संस्कार पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह अपने नाम के अनुरूप ही समाज में 'संस्कार' और 'सेवा' की महक बिखेर रहा है। इए संबंध में संस्कार पब्लिक स्कूल डायरेक्टर रामचंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि बच्चों और समाज में संवेदनशीलता और सेवा के संस्कार जगाना है। हमारा यह छोटा सा प्रयास इसी दिशा में एक कदम है।"

वर्षों से चली आ रही है यह मानवीय परंपरा

संस्कार पब्लिक स्कूल में सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि सेवा और संस्कारों का पाठ भी पढ़ाया जाता है। स्कूल के डायरेक्टर श्री रामचंद्र शर्मा और प्रिंसिपल श्रीमती रश्मि शर्मा के मार्गदर्शन में यह पुनीत कार्य पिछले कई वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी में सफर कर रहे लोगों को राहत देना और समाज में सेवा भावना का संदेश प्रसारित करना है।

शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक संभाली कमान

इस कार्यक्रम में स्कूल के शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तपती धूप की परवाह किए बिना शिक्षकों ने राहगीरों, रिक्शा चालकों, ऑटो चालकों और राह चलते राहगीरों को रोक-रोक कर आदरपूर्वक शीतल शरबत पिलाया। ठंडे शरबत की एक-एक घूंट ने राहगीरों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी।

जनता ने की सराहना

इस नेक कार्य की शहरवासियों और राहगीरों ने जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि इस भीषण तपिश में जहां गले सूख रहे हैं, वहां संस्कार पब्लिक स्कूल के शिक्षकों द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।