भगवद गीता के ज्ञान से तनाव मुक्त होंगे रेलकर्मी, साबरमती वर्कशॉप में विशेष सत्र आयोजित

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा रेल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को मजबूत बनाने की दिशा में एक अनूठी पहल करते हुए इंजीनियरिंग वर्कशॉप साबरमती में परसीव्ड स्ट्रेस एंड कोपिंग विद द हेल्प ऑफ भगवद गीता विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया।28 मई को आयोजित इस संवादात्मक कार्यशाला में रेलवे संचालन और इंजीनियरिंग कार्यों के दबावपूर्ण वातावरण में मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अहमदाबाद मंडल के अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (ACMS/A&H) डॉ. मनोजकुमार देव ने मुख्य वक्ता के रूप में कर्मचारियों और अधिकारियों को संबोधित किया।

डॉ. देव ने आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों और श्रीमद्भगवद गीता के प्राचीन ज्ञान को जोड़ते हुए बताया कि सकारात्मक सोच, आत्मनियंत्रण और कर्तव्यनिष्ठा के माध्यम से कार्यस्थल के तनाव को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकता है। उन्होंने गीता के विभिन्न श्लोकों का उल्लेख करते हुए समझाया कि कठिन परिस्थितियों में भी मानसिक शांति और स्पष्ट निर्णय क्षमता बनाए रखना कैसे संभव है।कार्यशाला में करीब 30 वरिष्ठ अधीनस्थों एवं अधिकारियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को दैनिक कार्य चुनौतियों से निपटने की व्यावहारिक रणनीतियों, मानसिक दृढ़ता विकसित करने और तनाव प्रबंधन के समग्र दृष्टिकोण के बारे में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि रेलवे केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं बल्कि कर्मचारियों के मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को भी समान महत्व दे रहा है। मंडल का उद्देश्य कर्मचारियों को आंतरिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें अधिक प्रभावी, समर्पित और सकारात्मक कार्य संस्कृति के लिए प्रेरित करना है।अहमदाबाद मंडल की यह पहल रेल कर्मचारियों के समग्र कल्याण की दिशा में एक सराहनीय कदम मानी जा रही है।