विधानसभा बदलापुर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति में लापरवाही को लेकर समूह सम्पादक कृष्णानन्द शर्मा "शिवराम" ने अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को लिखा पत्र

# **बदलापुर में हाहाकार: बिजली विभाग की 'तानाशाही' से वेंटिलेटर पर जनता, सुलग रहा आक्रोश!**

### **■ नवभारत दर्पण की बड़ी मुहिम: मुख्य संपादक ने प्रमुख सचिव (ऊर्जा) को भेजा पत्र, खोली कागजी दावों की पोल।**

### **■ 132 KV ट्रांसमिशन से अघोषित रात्रिकालीन कटौती का खेल; 'साहब' नहीं उठाते फोन, कानून-व्यवस्था बिगड़ने के आसार।**

**बदलापुर (जौनपुर), 21 मई:**

समूचा उत्तर प्रदेश इस समय रिकॉर्डतोड़ और भीषण गर्मी की चपेट में है, जहाँ आसमान से बरसती आग ने आम जनमानस का जीना मुहाल कर रखा है। ऐसे संवेदनशील और जानलेवा मौसम में जौनपुर जनपद का बदलापुर विधानसभा क्षेत्र बिजली विभाग की घोर तकनीकी लापरवाही और संवेदनहीनता के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हो चुका है। आलम यह है कि क्षेत्र की समूची विद्युत व्यवस्था पूरी तरह से 'वेंटिलेटर' पर आ चुकी है।

शासन की स्पष्ट मंशा और "ग्रामीण क्षेत्रों को निर्बाध बिजली" देने के दावों को ठेंगा दिखाते हुए स्थानीय विद्युत अधिकारी अपनी तानाशाही पर उतारू हैं। इस गंभीर जन-संकट को लेकर **'नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क' के मुख्य संपादक कृष्णानन्द शर्मा 'शिवराम'** ने सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (ऊर्जा) को पत्र भेजकर बिजली विभाग के अमानवीय रवैये के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

### **रात होते ही कट जाती है बिजली, कागजी दावों की उड़ी हवा**

ग्राउंड जीरो से प्राप्त विश्वसनीय और चौंकाने वाली रिपोर्टों के अनुसार, बदलापुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सभी 33/11 विद्युत उपकेंद्रों को फीड करने वाली **132 KV ट्रांसमिशन लाइन** द्वारा प्रतिदिन रात के समय जानबूझकर अथवा घोर तकनीकी लापरवाही के कारण बड़े पैमाने पर अघोषित कटौती की जा रही है।

* **नाम मात्र की आपूर्ति:** इस भीषण तपिश और लू के दौर में ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों को रात्रि के समय बमुश्किल 3 से 4 घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है।

* **ट्रिपिंग का टॉर्चर:** वह 3-4 घंटे की बिजली भी चैन से नहीं मिलती; प्रत्येक दो घंटे पर अघोषित ट्रिपिंग और अकारण कटौती का खेल खेला जा रहा है,

* **बुजुर्ग और मासूम बेहाल:** पूरी-पूरी रात बिजली गायब रहने से नवजात शिशुओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों तथा वृद्धों की स्थिति अत्यंत दयनीय और जानलेवा हो गई है। रातों की नींद छिन जाने से जनमानस में मानसिक व शारीरिक अवसाद का खतरा बढ़ गया है।

### **पेयजल संकट से हाहाकार, व्यापार और कृषि पूरी तरह चौपट**

बिजली की इस अघोषित और दमघोंटू कटौती का सीधा असर अब जनता की बुनियादी जरूरतों पर पड़ने लगा है। रात्रि में सब-स्टेशनों के बंद रहने तथा सुबह के समय वोल्टेज की भारी आंख-मिचौली के कारण स्थानीय जलापूर्ति योजनाएं और निजी नलकूप पूरी तरह ठप हो गए हैं। भीषण गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है, जिससे न सिर्फ आम जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, बल्कि स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियां भी पूरी तरह चौपट हो चुकी हैं।

### **फोन उठाना मुनासिब नहीं समझते 'साहब'**

मुख्य संपादक ने पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्थानीय स्तर पर तैनात अधिशासी अभियंता (XEN) और संबंधित एसडीओ (SDO) जनता की शिकायतों का संज्ञान लेना तो दूर, उनका फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझते। अधिकारियों के इस अड़ियल और संवेदनहीन रवैये के कारण बदलापुर की जनता में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है, जो कभी भी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

### **दोषी इंजीनियरों पर चले हंटर, तत्काल बहाल हो आपूर्ति: कृष्णानन्द शर्मा शिवराम**

'नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क' के मुख्य संपादक ने प्रमुख सचिव (ऊर्जा) से जनहित में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है:

1. **उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच:** बदलापुर क्षेत्र के 132 KV ट्रांसमिशन स्तर से की जा रही इस अमानवीय रात्रिकालीन कटौती की तत्काल प्रभाव से उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए।

2. **दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई:** शासन के नियमों का उल्लंघन कर जनता को प्रताड़ित करने वाले दोषी अभियंताओं और संबंधित सब-स्टेशन प्रभारियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

3. **निर्बाध बिजली के सख्त आदेश:** जनता को इस प्राणघातक गर्मी से राहत देने के लिए तत्काल प्रभाव से रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति बहाल की जाए।

**शीर्ष अधिकारियों तक पहुंची गूंज:**

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्र की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) UPPCL लखनऊ, प्रबंध निदेशक (PVVNL) वाराणसी क्षेत्र और जिलाधिकारी जौनपुर को भी आवश्यक दंडात्मक एवं सुधारात्मक कार्रवाई हेतु भेज दी गई है। अब देखना यह होगा कि इस विस्फोटक खुलासे के बाद शासन के शीर्ष अधिकारी बदलापुर की त्रस्त जनता को कब तक न्याय दिला पाते हैं!

**ब्यूरो रिपोर्ट:** नवभारत दर्पण न्यूज नेटवर्क।