डॉ. राजश्री वर्मा को ‘बंदिनी’ के लिए रवीन्द्र रत्न पुरस्कार 2026 से सम्मानित

झारखंड की प्रतिष्ठित लेखिका एवं चिकित्सक डॉ. राजश्री वर्मा को उनकी चर्चित कृति ?बंदिनी? के लिए वेयिल फाउंडेशन द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ?रवीन्द्र रत्न पुरस्कार 2026? से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान साहित्य के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और समाज के प्रति उनके संवेदनशील दृष्टिकोण के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. वर्मा की पुस्तक ?बंदिनी? महिलाओं के जीवन, उनके संघर्ष, भावनात्मक अनुभवों और सामाजिक परिस्थितियों को गहराई और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती है। यह कृति न केवल पाठकों के हृदय को स्पर्श करती है, बल्कि समाज को सोचने और बदलाव की दिशा में प्रेरित भी करती है।
डॉ. राजश्री वर्मा बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं। वे एक ओर जहां Verma Gentle Cure के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं, वहीं दूसरी ओर Bharat Gurukul जैसे शैक्षणिक मंच के माध्यम से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और संरचित शिक्षा प्रदान करने का कार्य कर रही हैं। उनके नेतृत्व में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर सकारात्मक प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से समाज के उत्थान हेतु कार्य करती रहेंगी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने सहयोगियों, परिवार, तथा अपने पाठकों को दिया, जिनके समर्थन और विश्वास ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
वेयिल फाउंडेशन ने अपने वक्तव्य में कहा कि डॉ. राजश्री वर्मा का कार्य समाज में जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में अत्यंत सराहनीय है। उनकी लेखनी और सामाजिक दृष्टिकोण उन्हें समकालीन साहित्यकारों में विशिष्ट स्थान प्रदान करते हैं।
यह सम्मान न केवल डॉ. वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि झारखंड राज्य के लिए भी गर्व का विषय है।