ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल तेज, वाराणसी से 20 आईसीआरपी टीमें रवाना

वाराणसी। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, लखनऊ के निर्देश पर शनिवार को विकास भवन वाराणसी से उपायुक्त (स्वतः रोजगार) श्री पवन कुमार सिंह ने हरी झंडी दिखाकर आईसीआरपी (इंटेंसिव कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन) की 20 टीमों को विभिन्न ग्राम पंचायतों के लिए रवाना किया।
इन टीमों का उद्देश्य पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों, अंत्योदय कार्ड धारकों, हर घर नल योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जीरो पॉवर्टी अभियान और मनरेगा जॉब कार्ड से जुड़े परिवारों की महिला सदस्यों को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना है। प्रत्येक टीम में 5 महिला सदस्य शामिल हैं, जो 15 दिनों तक एक ग्राम पंचायत में निवास कर महिलाओं को जागरूक, प्रेरित और प्रशिक्षित करेंगी।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को गरीबी और उसके कारणों, नेतृत्व क्षमता, पंचसूत्र, समूह की आवश्यकता और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। साथ ही मिशन के तहत मिलने वाले वित्तीय सहयोग, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभिन्न आजीविका गतिविधियों के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।
जनपद वाराणसी में अब तक 12 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है, जिनसे करीब 1.55 लाख महिलाएं जुड़ चुकी हैं। हाल ही में जनपद भ्रमण के दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने भी अधिक से अधिक महिलाओं को समूहों से जोड़ने के निर्देश दिए थे। मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रखर कुमार सिंह द्वारा भी इस अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
टीमों को रवाना करने से पूर्व विकास भवन सभागार में विस्तृत ब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें समूह गठन की प्रक्रिया, 15 दिनों की कार्ययोजना, पंचसूत्र, गरीबों की पहचान एवं रजिस्टर संधारण जैसे विषयों पर जिला मिशन प्रबंधक श्रवण कुमार सिंह और रामानंद शर्मा ने जानकारी साझा की।
स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर, व्यवहार और रहन-सहन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। जनपद में लगभग 60 हजार महिलाएं ?लखपति महिला क्लब? से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।