दक्षिण अफ्रीका फ्रीडम डे पर नई दिल्ली में आशिमा मेहरोत्रा की पेंटिंग का अनावरण

दक्षिण अफ्रीका फ्रीडम डे पर नई दिल्ली में आशिमा मेहरोत्रा की पेंटिंग का अनावरण

ताज मानसिंह होटल में आयोजित कार्यक्रम में गांधी, मंडेला और मार्टिन लूथर किंग की झलक

प्रयागराज। दक्षिण अफ्रीका के फ्रीडम डे की 30वीं वर्षगांठ के अवसर पर नई दिल्ली के ताज मानसिंह होटल में एक विशेष स्मृति संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रो. अनिल सुकलाल एवं डॉ. नेलिस्ट्रा सुकलाल सिंह ने की। इस अवसर पर दक्षिण अफ्रीका की लोकतांत्रिक यात्रा, संघर्ष, मेल-मिलाप और परिवर्तन की भावना को याद करते हुए समानता, न्याय और मानव गरिमा जैसे साझा मूल्यों को दोहराया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री (विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा)श्रीपाद येसो नाइक उपस्थित रहे। समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया, जिनमें प्रसिद्ध दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेटर जोंटी रोड्स, बॉलीवुड अभिनेता अनिल जॉर्ज, विभिन्न देशों के राजदूत तथा बड़ी संख्या में राजनयिक समुदाय के सदस्य शामिल रहे।

इस अवसर पर कलाकार आशिमा मेहरोत्रा द्वारा बनाई गई पेंटिंग ?Be the Change You Want to See ? Mahatma Gandhi? का औपचारिक अनावरण किया गया। इस कलाकृति का अनावरण उच्चायुक्त प्रो. अनिल सुकलाल, डॉ. नेलिस्ट्रा सुकलाल सिंह तथा मंत्री श्रीपाद येसो नाइक ने संयुक्त रूप से किया।

यह पेंटिंग महात्मा गांधी, नेल्सन मंडेला और मार्टिन लूथर किंग जूनियर को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि एक व्यक्ति का विश्वास और संकल्प समाज की दिशा बदल सकता है। गांधी की अहिंसा और सत्य की विचारधारा, मंडेला की दृढ़ता और मेल-मिलाप की विरासत तथा मार्टिन लूथर किंग का समानता और न्याय का सपना?तीनों ही वैश्विक स्तर पर स्वतंत्रता और मानव गरिमा की साझा लड़ाई का प्रतीक हैं। पेंटिंग की परतदार और टेक्सचरयुक्त संरचना समाज की जटिलताओं को दर्शाती है, जबकि तीनों महान व्यक्तित्व आशा, नैतिक साहस और परिवर्तन का संदेश देते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य लोगों ने इस कलाकृति की गहरी भावनात्मक प्रस्तुति और प्रभावशाली संदेश की सराहना की।

कलाकार आशिमा मेहरोत्रा एक समकालीन विजुअल आर्टिस्ट और सिविल सर्वेंट हैं, जो अपनी विचारप्रधान और आत्ममंथन वाली कला शैली के लिए जानी जाती हैं। वे ऑयल, एक्रेलिक, चारकोल और एंकास्टिक जैसे विभिन्न माध्यमों में कार्य करती हैं। उनकी कला पहचान, स्मृति और आध्यात्मिक चिंतन जैसे विषयों पर आधारित रहती है।

आशिमा मेहरोत्रा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। उनकी पेंटिंग ?Laapataa Ladies? का चयन ललित कला अकादमी की 64वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में हुआ था, वहीं उनकी कलाकृति ?Move On? को बॉम्बे आर्ट सोसाइटी की 134वीं ऑल इंडिया आर्ट प्रदर्शनी में पुरस्कार भी मिला था।

इस कार्यक्रम के माध्यम से कला, इतिहास और स्वतंत्रता के मूल्यों को एक मंच पर जोड़ते हुए भारत-दक्षिण अफ्रीका के सांस्कृतिक संबंधों को भी नई मजबूती मिली।