मंडावर के किसान पुत्र धीरज मंडलोई ने रचा इतिहास, 113 किमी अंतरराष्ट्रीय ट्रेल रन पूरी कर बढ़ाया राजगढ़ का मान

राजगढ़। उत्तराखंड की दुर्गम पहाड़ियों, बर्फ से ढके रास्तों और शून्य से नीचे तापमान के बीच राजगढ़ जिले के छोटे से गांव मंडावर के किसान पुत्र धीरज मंडलोई ने साहस, धैर्य और विश्वास की मिसाल पेश करते हुए नया इतिहास रच दिया।भारतीय सेना द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय तीन दिवसीय ट्रेल रन ?सूर्य देवभूमि चैलेंज 2.0-2026? में धीरज मंडलोई ने 113 किलोमीटर लंबी कठिन मैराथन सफलतापूर्वक पूर्ण कर न केवल राजगढ़ जिले, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।यह प्रतियोगिता केवल दौड़ नहीं, बल्कि सहनशक्ति, मानसिक मजबूती और जज्बे की असली परीक्षा थी। देशभर से पहुंचे 305 प्रतिभागियों के बीच धीरज ने कठिन पहाड़ी रास्तों, बर्फीले मौसम और कम ऑक्सीजन जैसी चुनौतियों को पार कर यह उपलब्धि हासिल की।दौड़ के दौरान प्रतिभागियों को उत्तराखंड के चार प्रमुख सिद्धपीठों?कल्पेश्वर महादेव, तुंगनाथ मंदिर, रुद्रनाथ मंदिर और अनुसूया देवी मंदिर के दर्शन का सौभाग्य भी मिला।धीरज ने बताया कि इन पवित्र स्थलों की ऊर्जा ने उन्हें हर कठिन परिस्थिति में आगे बढ़ने की शक्ति दी।आयोजन का शुभारंभ 16 तारीख को बद्रीनाथ में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान द्वारा किया गया, जबकि समापन समारोह में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धीरज सहित विजेताओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।इस अवसर पर ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी धीरज के जज्बे की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा बताया।धीरज मंडलोई ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मार्गदर्शक पंडित गोविंद भारद्वाज की प्रेरणा और परिवार के सहयोग को दिया।धीरज की इस उपलब्धि पर ग्राम मंडावर सहित पूरे राजगढ़ जिले में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद धीरज ने साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और हौसले बुलंद हों, तो हिमालय की चोटियां भी छोटी पड़ जाती हैं।