औरास प्रशासन की नाक के नीचे धरती मां का सीना छलनी, खनन माफिया बेखौफ

औरास क्षेत्र के दर्जनों गांवों में दिन-रात गरज रही मशीनें PWD की सड़कें हो रहीं जर्जर

रोहित कुमार कनौजिया

सिटीजन वॉयस समाचार संवाददाता

औरास उन्नाव क्षेत्र में इन दिनों खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। 'धरती मां' का सीना छलनी कर अवैध रूप से मिट्टी का काला कारोबार जोरों पर फल-फूल रहा है। ताज्जुब की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के दावों के बीच खनन माफिया बेखौफ होकर दिन-रात खुदाई कर रहे हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को क्षति पहुँच रही है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी चपत लग रही है।

रात-दिन चल रहा अवैध खेल

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के आदौरा, मवई धोबियाना, माखनखेड़ा और गहाखेड़ा सहित कई अन्य गांवों में खनन माफियाओं ने अपना जाल फैला रखा है। यहाँ रात के सन्नाटे से लेकर दिन के उजाले तक जेसीबी मशीनें और डंपर बेरोकटोक दौड़ रहे हैं। ईंट-भट्ठा मालिकों और खनन माफियाओं के गठजोड़ से खेतों को गहरे गड्ढों में तब्दील किया जा रहा है, जिससे भविष्य में कृषि योग्य भूमि के बंजर होने का खतरा मंडराने लगा है।

PWD की सड़कों का बुरा हाल

खनन माफियाओं के भारी-भरकम डंपरों और ट्रैक्टर-ट्रॉली के ओवरलोड संचालन से लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा बनाई गई सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। करोड़ों की लागत से बनी सड़कें अब गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है। धूल के गुबार से स्थानीय लोगों का सांस लेना मुहाल है, लेकिन विभाग इस तबाही पर आंखें मूंदे बैठा है।

नदारद है प्रशासन का 'इकबाल'

खनन की इस खुली लूट ने पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। ऐसा प्रतीत होता है कि माफियाओं के आगे प्रशासन ने घुटने टेक दिए हैं।

ग्रामीणों की व्यथा:

"खनन माफियाओं ने पूरे क्षेत्र को खोद डाला है। प्रशासन का डर बिल्कुल खत्म हो चुका है। भारी वाहनों ने गांव की सड़कें तोड़ दी हैं, अब पैदल चलना भी मुश्किल है।"

? एक पीड़ित ग्रामीण