जोधपुर के भगत की कोठी में बनेगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का पहला विशेष मेंटेनेंस डिपो

जोधपुर के भगत की कोठी में बनेगा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का पहला विशेष मेंटेनेंस डिपो

टेक्नोलॉजी पार्टनर स्कीम के तहत 360 करोड़ की लागत से दो चरणों में विकसित होगी अत्याधुनिक सुविधा

जोधपुर। भारतीय रेलवे में वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के अनुरक्षण को लेकर एक बड़ी पहल करते हुए जोधपुर स्थित भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पर देश का पहला विशेष रखरखाव डिपो विकसित किया जा रहा है। यह डिपो टेक्नोलॉजी पार्टनर स्कीम के तहत तैयार किया जा रहा है, जिसमें वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

इस परियोजना के अंतर्गत भारतीय रेलवे (उत्तर पश्चिम रेलवे), रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) और काईनेट रेलवे सॉल्यूशंस (रूस) के बीच रणनीतिक सहयोग से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव हेतु आधुनिक सुविधा का डिजाइन, निर्माण और प्रबंधन किया जा रहा है। इस डिपो के निर्माण पर कुल लगभग 360 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

रेलवे के अनुसार भगत की कोठी में निर्माणाधीन इस डिपो में 24 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के रखरखाव के लिए 600 मीटर लंबा ट्रैक और कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

फेज-1 जून 2026 तक होने की संभावना

परियोजना के पहले चरण (फेज-1) में करीब 167 करोड़ रुपये की लागत से तीन पिट लाइन वाली कवर्ड इंस्पेक्शन बे, कार्यालय, ट्रेनिंग सेंटर और स्टोर के लिए लगभग 1200 वर्ग मीटर कवर्ड एरिया विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही ड्रॉप पिट टेबल और पिट लाइन का निर्माण भी किया जा रहा है। रेलवे के अनुसार 600 मीटर ट्रैक सुविधा सहित वंदे भारत स्लीपर कोचों के रखरखाव के लिए डिपो का पहला चरण जून 2026 तक तैयार होने की संभावना है।

फेज-2 में बनेगी वर्कशॉप, व्हील लेथ और सिम्युलेटर सुविधा

परियोजना के दूसरे चरण (फेज-2) में लगभग 195 करोड़ रुपये की लागत से 200 मीटर के बड़े कवरिंग शेड का विकास किया जाएगा। इसमें ओएचई सुविधा युक्त पिट लाइन, दो लाइन वाली वर्कशॉप बे, पिट व्हील लेथ के लिए शेड और व्हील अनुरक्षण सुविधा का विस्तार किया जाएगा। साथ ही ट्रेनिंग स्कूल और अन्य कार्य भी इस चरण में किए जाएंगे।

रेलवे ने बताया कि दूसरे चरण में लगभग 55 करोड़ रुपये की लागत से कार्यशाला और सिम्युलेटर सुविधा के लिए निविदा भी आमंत्रित कर दी गई है। इस आधुनिक सुविधा में एक समर्पित व्हील लेथ सिस्टम और एक विशेष परीक्षण प्रयोगशाला भी होगी, जहां उच्च तकनीक उपकरणों के प्रशिक्षण और मूल्यांकन के लिए नवीनतम सिम्युलेटर लगाए जाएंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना भारतीय रेलवे में सुरक्षा, सटीकता और आधुनिक अनुरक्षण व्यवस्था को नई दिशा देगी। वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए यह डिपो भविष्य में एक मॉडल सुविधा के रूप में विकसित होगा और उत्तर पश्चिम रेलवे क्षेत्र में रेल परिचालन को और अधिक सुदृढ़ करेगा।