मध्य रेल ने विश्व धरोहर दिवस 2026 को हेरिटेज वॉक, प्रदर्शनी व विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया

मध्य रेल ने विश्व धरोहर दिवस 2026 को हेरिटेज वॉक, प्रदर्शनी व विविध कार्यक्रमों के साथ मनाया

CSMT पर दिखी रेलवे विरासत की झलक, अधिकारियों-कर्मचारियों ने संरक्षण की ली शपथ

मुंबई। मध्य रेल ने विश्व धरोहर दिवस-2026 को बड़े उत्साह और भव्यता के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर मनाया। CSMT एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल होने के साथ-साथ मध्य रेल का मुख्यालय भी है, जो पिछले 138 वर्षों से भारतीय रेल के गौरव का प्रतीक बना हुआ है।

हर वर्ष 18 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व धरोहर दिवस सांस्कृतिक विरासत के महत्व और उसके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से इंटरनेशनल काउंसिल ऑन मॉन्यूमेंट्स एंड साइट्स (ICOMOS) द्वारा स्थापित किया गया था। वर्ष 2026 की थीम रही? ?संघर्ष और आपदाओं की परिस्थितियों में जीवित विरासत के लिए आपातकालीन प्रतिक्रिया?।

इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने प्रधान मुख्य यांत्रिक अभियंता सुबोध कुमार सागर तथा मुख्यालय और मुंबई मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ?हेरिटेज वॉक? का नेतृत्व किया। इस वॉक में CSMT की ऐतिहासिक स्थापत्य भव्यता को प्रदर्शित किया गया और भारतीय रेल की समृद्ध विरासत का उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, सिविल डिफेंस सदस्य, स्काउट्स एवं गाइड्स तथा बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी शामिल हुए।

प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र

हेरिटेज वॉक की शुरुआत प्लेटफॉर्म 14 और 15 के बीच स्थित हेरिटेज एली में आयोजित प्रदर्शनी के भ्रमण से हुई। प्रदर्शनी में CSMT भवन की स्थापत्य विशेषताओं को दर्शाने वाले डिस्प्ले बोर्ड, रेलवे स्टेशनों और पुलों पर आधारित जानकारी, नेरल?माथेरान लाइट रेलवे पर लघु फिल्में तथा पुराने रेलवे इंजन और कोच के मॉडल प्रदर्शित किए गए।

हेरिटेज गैलरी की दीवारों को ट्रेनों, धरोहर भवनों और महाराष्ट्र के पर्यटन स्थलों की तस्वीरों से सजाया गया था। प्रदर्शनी में रेलवे स्क्रैप सामग्री से बनी महात्मा गांधी की प्रतिमा भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही हेरिटेज म्यूजियम और स्टार चैंबर का भ्रमण भी कार्यक्रम में शामिल रहा।

विरासत संरक्षण की दिलाई शपथ

अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी ने इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रतिभागियों को विरासत रेलवे स्टेशनों, इंजनों और रेलवे धरोहर के संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने तथा संरक्षण की भावना को बनाए रखने की शपथ दिलाई।

इसके अलावा विश्व धरोहर दिवस की पूर्व संध्या पर CSMT की ऐतिहासिक इमारत को विशेष रोशनी से सजाकर भव्य रूप से प्रकाशित किया गया।

मध्य रेल की धरोहर ? एक झलक

छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) को ब्रिटिश इंजीनियर फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस ने डिजाइन किया था। यह इंडो-गॉथिक स्थापत्य शैली का शानदार उदाहरण है। इसका निर्माण 1878 में शुरू हुआ और 1888 में ₹16,13,863 की लागत से पूर्ण हुआ।

भायखला रेलवे स्टेशन भारत के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यह 16 अप्रैल 1853 को बोरी बंदर से ठाणे तक चली पहली ऐतिहासिक ट्रेन यात्रा का हिस्सा रहा। लगभग 173 वर्ष पुराने इस स्टेशन को मूल गॉथिक स्वरूप में पुनर्स्थापित कर संरक्षित रखा गया है।

नेरल?माथेरान लाइट रेलवे 119 वर्ष पुरानी धरोहर लाइन है, जिसकी शुरुआत 1907 में हुई थी। यह नैरो गेज रेलवे घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरते हुए यात्रियों को यादगार यात्रा अनुभव प्रदान करती है।

मध्य रेल के अनुसार, विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर उसके सभी मंडलों और कार्यशालाओं में भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। मध्य रेल भारतीय रेल की अमूल्य धरोहर को संरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आधुनिकता व नवाचार के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है।

डॉ. स्वप्निल निला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेलवे