जम्मू मंडल: साप्ताहिक से नियमित हुई JPP-RCS पार्सल सेवा, व्यापारियों को मिलेगी बड़ी राहत

जम्मू। जम्मू-कश्मीर घाटी के व्यापारियों, विशेषकर फल उत्पादकों एवं हस्तशिल्प कारीगरों को राहत देने के उद्देश्य से उत्तर रेलवे द्वारा संचालित JPP-RCS (Joint Parcel Product - Rapid Cargo Service) पार्सल ट्रेन सेवा अब एक नए चरण में प्रवेश कर गई है। आदर्श नगर, नई दिल्ली और बड़गाम (कश्मीर) के बीच चलने वाली ट्रेन संख्या 00461/00462 को अब साप्ताहिक के बजाय नियमित आधार पर परीक्षण रूप में चलाने का निर्णय लिया गया है।

उत्तर रेलवे के अनुसार इस रैपिड कार्गो ट्रेन सेवा का शुभारंभ 15 सितंबर 2025 को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया था। इस सेवा का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के सेब, चेरी जैसे ताजे फलों तथा हस्तशिल्प उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक तेज, सुरक्षित और कम लागत में पहुंचाना है।

रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान ट्रेन संख्या 00461 (आदर्श नगर दिल्ली-बड़गाम) से लगभग 1.12 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं ट्रेन संख्या 00462 (बड़गाम-आदर्श नगर दिल्ली) से लगभग 1.22 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया गया।

इस दौरान यह सेवा 8 पार्सल वैन के साथ संचालित की गई, जिसमें प्रत्येक पार्सल वैन की क्षमता 23 टन रही। वित्तीय वर्ष में इस ट्रेन का लगभग 108 फेरों के साथ सफल संचालन किया गया।

रेलवे के अनुसार 17 अप्रैल 2026 से पहले यह ट्रेन सेवा साप्ताहिक रूप से संचालित की जाती थी, लेकिन रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार अब इसे 17 अप्रैल से 31 मई 2026 के बीच नियमित आधार पर परीक्षण के तौर पर संचालित किया जा रहा है। भविष्य में बेहतर ऑक्युपेंसी और मांग के आधार पर इसे स्थायी रूप से नियमित संचालन में शामिल किया जाएगा।

समय-सारिणी के अनुसार ट्रेन संख्या 00462 बड़गाम से सुबह 06:15 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 05:00 बजे आदर्श नगर दिल्ली पहुंचेगी। वहीं इस ट्रेन के बाड़ी ब्राह्मणा स्टेशन पर समय में बदलाव किया गया है, जिससे व्यापारियों को अधिक सुविधा मिलेगी।

वापसी में ट्रेन संख्या 00461 आदर्श नगर दिल्ली से सुबह 05:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे बड़गाम पहुंचेगी।

इस विशेष पार्सल ट्रेन में 8 पार्सल वैन (VP) और एक सीटिंग-कम-लगेज रैक (SLR) शामिल रहेगा। रास्ते में लोडिंग एवं अनलोडिंग की सुविधा के लिए यह ट्रेन बाड़ी ब्राह्मणा और अंबाला कैंट स्टेशनों पर भी ठहराव करेगी।

रेल प्रशासन का कहना है कि सड़क मार्ग की तुलना में यह पार्सल सेवा मात्र 23 से 24 घंटे में माल को गंतव्य तक पहुंचा देती है, जिससे खराब होने वाली वस्तुएं जैसे सेब, चेरी और अन्य फल सुरक्षित एवं ताजे बने रहते हैं। यह सेवा सड़क परिवहन की अपेक्षा अधिक सस्ती, तेज और विश्वसनीय मानी जा रही है।

उत्तर रेलवे की यह पहल जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादों जैसे केसर, अखरोट, पश्मीना शॉल एवं हस्तशिल्प को देशभर के बाजारों तक शीघ्र पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राघवेंद्र सिंह जनसम्पर्क निरीक्षक, जम्मू मंडल