भटरौल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती, शिक्षा और समानता का दिया संदेश

भटरौल में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती, शिक्षा और समानता का दिया संदेश

चंदौली। विकास खंड शहाबगंज के ग्राम पंचायत भट्टरौल में भारत रत्न एवं संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन संयोजक संजीव कुमार सिंह (मौर्य) के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए।

श्रद्धांजलि के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ की गई। उपस्थित लोगों ने उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। पूरे माहौल में श्रद्धा और सम्मान का भाव देखने को मिला।

बच्चों में बांटी गई शैक्षिक सामग्री

इस अवसर पर शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बच्चों को कॉपी, किताबें, बिस्कुट और चॉकलेट वितरित किए गए। प्रबुद्धजनों ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि बाबा साहेब का ?शिक्षित बनो? का संदेश ही समाज को आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा माध्यम है। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया।

संविधान और अधिकारों के प्रति जागरूकता

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने गांव में भ्रमण कर लोगों को भारतीय संविधान के महत्व और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब द्वारा रचित संविधान हर नागरिक को समानता, न्याय और गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है।

वक्ताओं ने रखे विचार

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि

"बाबा साहेब का जीवन संघर्ष और समर्पण की मिसाल है। उनके विचार आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रहे हैं। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समानता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।"

ग्रामीणों की रही सक्रिय भागीदारी

इस गरिमामयी आयोजन में राज नारायण चौहान, रणजीत मौर्य, रमाशंकर मौर्य, चंद्रदेव प्रजापति, गोविंद चौहान, गौरव पासवान, मुन्नीलाल, महेंद्र, रामनिवास, चूल्हन, चुन्नीलाल पासवान, सुभाष, गुड्डू पासवान, महेंद्र राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

?शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो? का संदेश

कार्यक्रम के अंत में बाबा साहेब के मूल मंत्र?

?शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो?

को दोहराते हुए समाज में जागरूकता और एकता का संदेश दिया गया।

भट्टरौल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल जयंती समारोह नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और समानता की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का यह प्रयास क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की प्रेरणा देता नजर आया।