जिला न्यायालय का फैसला बरकरार ,हाईकोर्ट ने खारिज की अपील,बैकुंठपुर नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव मामला

बैकुंठपुर।कोरिया जिले के मुख्यालय बैकुंठपुर की नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव से जुड़े बहुचर्चित मामले में माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ ने अहम फैसला सुनाते हुए अपील को निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही जिला एवं सत्र न्यायालय के पूर्व आदेश को यथावत रखा गया है।गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर का आम चुनाव दिसंबर 2021 में संपन्न हुआ था। इसके बाद 1 जनवरी 2022 को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया गया, जिसमें दोनों प्रत्याशियों को समान मत प्राप्त हुए। ऐसी स्थिति में चुनाव अधिकारी के निर्देशानुसार सभी पार्षदों और प्रत्याशियों की सहमति से लॉटरी के माध्यम से निर्णय लिया गया, जिसमें श्रीमती नविता शैलेश शिवहरे को अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया। चुनाव प्रक्रिया में सहमति देने के बावजूद पराजित प्रत्याशी श्रीमती साधना जायसवाल ने जिला न्यायालय बैकुंठपुर में चुनाव याचिका दायर की थी। लगभग तीन वर्षों तक चली सुनवाई के दौरान मतपेटी का निरीक्षण, साक्ष्यों का परीक्षण सहित सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। इसके बाद 7 मई 2025 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने याचिका को खारिज कर दिया।जिला न्यायालय के इस निर्णय के खिलाफ श्रीमती जायसवाल ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अपील (सीआर नंबर 149/2025) प्रस्तुत की। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 23 फरवरी 2026 को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अंततः 10 अप्रैल 2026 को सुनाए गए फैसले में उच्च न्यायालय ने अपील को निरस्त करते हुए जिला न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा।इस निर्णय को न्यायपालिका की निष्पक्षता और न्याय के प्रति आमजन की आस्था को मजबूत करने वाला बताया जा रहा है।मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता आशीष गुप्ता सहित उच्च न्यायालय बिलासपुर के अधिवक्ता चंद्रेश श्रीवास्तव और शशांक गुप्ता ने पैरवी की।