दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने स्क्रैप निपटान में रचा कीर्तिमान, ₹303.74 करोड़ का राजस्व अर्जित

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ?मिशन जीरो स्क्रैप? के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्क्रैप निपटान से ₹303.74 करोड़ का राजस्व अर्जित कर रिकॉर्ड बनाया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार यह रेलवे के इतिहास में दूसरी सबसे बड़ी स्क्रैप बिक्री मानी जा रही है। खास बात यह है कि यह आय रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित ₹270 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य से 12.4 प्रतिशत अधिक है, जो रेलवे की प्रभावी योजना, पारदर्शी कार्यप्रणाली और मजबूत क्रियान्वयन को दर्शाती है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता विभिन्न कार्य स्थलों एवं ट्रैक किनारे पड़े स्क्रैप की सुनियोजित पहचान, व्यवस्थित संग्रहण और ई-नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से हासिल की गई है। इससे न केवल रेलवे को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ, बल्कि रेलवे परिसरों की स्वच्छता और सुव्यवस्था में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

मदवार आय का विवरण

स्क्रैप बिक्री से प्राप्त आय के तहत रेल से ₹114.96 करोड़, पी.वे. आइटम से ₹16.53 करोड़, रोलिंग स्टॉक्स से ₹32.53 करोड़, नॉन-फेरस सामग्री से ₹25.63 करोड़, पीएससी स्लीपर से ₹8.39 करोड़ तथा अन्य मदों से ₹105.43 करोड़ की आय अर्जित की गई है।

इसके साथ ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने भारत सरकार की नीतियों के अनुरूप गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में GeM के जरिए ₹397.83 करोड़ की खरीद की गई, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 37.80 प्रतिशत अधिक है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह उपलब्धि केवल आर्थिक सफलता नहीं है, बल्कि यह संसाधनों के कुशल प्रबंधन, पारदर्शिता, स्वच्छता अभियान और सतत विकास के प्रति दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता का भी सशक्त उदाहरण है। रेलवे की यह सफलता भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणादायक साबित होगी।