बिजनौर में फायर सीजन को लेकर स्कूल-कॉलेज व कोचिंग सेंटरों में चला अग्नि सुरक्षा अभियान

बिजनौर में फायर सीजन को लेकर स्कूल-कॉलेज व कोचिंग सेंटरों में चला अग्नि सुरक्षा अभियान

फायर ऑडिट कर व्यवस्थाओं की जांच, छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को दिया गया प्रशिक्षण

बिजनौर। फायर सीजन को देखते हुए जनपद बिजनौर में अग्निशमन एवं आपात सेवा विभाग द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं कोचिंग सेंटरों में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव के दृष्टिगत विशेष अभियान चलाया गया। यह अभियान महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा उत्तर प्रदेश, लखनऊ 02 अप्रेल के अनुपालन एवं पुलिस अधीक्षक, बिजनौर के आदेशानुसार संचालित किया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी बिजनौर डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देशन में स्कीम नंबर-02 के अंतर्गत प्रभारी अग्निशमन केंद्र नजीबाबाद, नगीना, धामपुर एवं चांदपुर की टीमों ने जनपद के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर फायर ऑडिट, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच तथा आपातकालीन निकासी (इवैकुएशन) की प्रक्रिया से संबंधित निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान संस्थानों में मौजूद छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को अग्नि सुरक्षा के उपायों, फायर अलार्म सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग तथा आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण भी दिया गया। साथ ही संबंधित संस्थानों को निर्देशित किया गया कि वे निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना से बचाव किया जा सके।

अग्निशमन विभाग द्वारा जिन संस्थानों में फायर ऑडिट एवं प्रशिक्षण अभियान चलाया गया, उनमें शामिल हैं?

एनएसएस पब्लिक स्कूल, बिश्नोई सराय, नगीना

सिटी डिग्री पीजी कॉलेज, नगीना

कुंवर महिपाल सिंह सेकेंडरी स्कूल, गांव कश्मीरी, धामपुर

नाइस कोचिंग सेंटर, कोतवाली रोड, नजीबाबाद

सेंट मेरी इंटर कॉलेज, फतेहाबाद, नूरपुर (चांदपुर)

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जनपद में अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम करना तथा लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन कर समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।

अग्निशमन विभाग ने सभी शिक्षण संस्थानों से अपील की है कि वे नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच कराएं और कर्मचारियों व विद्यार्थियों को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें।