उत्तरी रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रचा नया इतिहास, माल ढुलाई से लेकर यात्री सुरक्षा तक रिकॉर्ड उपलब्धियां

उत्तरी रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रचा नया इतिहास, माल ढुलाई से लेकर यात्री सुरक्षा तक रिकॉर्ड उपलब्धियां

महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बड़ौदा हाउस में प्रेस वार्ता कर उपलब्धियां साझा कीं

नई दिल्ली। उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली में आयोजित एक व्यापक प्रेस वार्ता में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान उत्तरी रेलवे की प्रमुख उपलब्धियों और परिचालन उत्कृष्टता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह वर्ष उत्तरी रेलवे के लिए रिकॉर्ड माल ढुलाई, बुनियादी ढांचे के विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार और सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरा रहा।

महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तरी रेलवे ने आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रबंधन और कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों से भारतीय रेल में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत किया है।

माल ढुलाई में नया कीर्तिमान

उत्तरी रेलवे ने इस वर्ष 52.26 मिलियन टन का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक माल लदान किया। वहीं 31 मार्च 2026 को एक ही दिन में 119 रेक लोड कर नया रिकॉर्ड बनाया गया।

उन्होंने बताया कि ?कार्गो सर्विस? के तहत अन्नपूर्णा और निर्यात जैसे शेड्यूल्ड मार्गों से खाद्यान्न एवं निर्यात कंटेनरों की ढुलाई में समय काफी कम हुआ।

कश्मीर घाटी में भी उत्तरी रेलवे ने ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार 14,869 टन सेब का रेल माध्यम से परिवहन किया तथा अनंतनाग गुड्स शेड का कमीशनिंग भी किया गया।

यात्री सेवाओं में बड़ा विस्तार

उत्तरी रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए 35 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू कीं, जिनमें 8 वंदे भारत और 14 अमृत भारत एक्सप्रेस शामिल हैं। त्योहारों और विशेष परिस्थितियों में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए 5000 से अधिक टीओडी विशेष ट्रेनें संचालित की गईं।

इसके अलावा 28-29 मार्च 2026 को नए यमुना ब्रिज का कमीशनिंग भी एक बड़ी उपलब्धि रही।

सिग्नलिंग और दूरसंचार में आधुनिकता

महाप्रबंधक ने बताया कि उत्तरी रेलवे ने यात्री यार्डों से मैकेनिकल सिग्नलिंग को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। साथ ही रिकॉर्ड 52 लेवल क्रॉसिंग गेटों को इंटरलॉक किया गया।

सुरक्षा बढ़ाने के लिए 38 आरकेएम पर ?कवच? प्रणाली लागू की गई और 63.9 आरकेएम पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग की व्यवस्था की गई। स्टेशन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 321 स्टेशनों पर सीसीटीवी तथा 133 स्टेशनों पर पीए सिस्टम लगाए गए।

वाणिज्य विभाग की शानदार कमाई

उत्तरी रेलवे ने वर्ष 2025-26 में कुल ₹12,006.73 करोड़ की आय अर्जित की। गैर-किराया राजस्व में 32.65% की वृद्धि दर्ज की गई।

रेलवन ऐप (RailOne App) के जरिए डिजिटल टिकट बुकिंग में बड़ा उछाल आया, जो 16.12 लाख से बढ़कर 133.33 लाख प्रति माह तक पहुंच गया। वहीं सोनिक गुड्स शेड पर भारत की पहली डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक सेवा भी शुरू की गई।

निर्माण कार्यों में बड़ी प्रगति

निर्माण विभाग ने 29.55 किमी देवबंद?रुड़की नई लाइन तथा दौलतपुर चौक?करटोली सेक्शन का कमीशनिंग किया। साथ ही 42 आरओबी और 122 आरयूबी/एलएचएस बनाकर सुरक्षा और कनेक्टिविटी बढ़ाई गई।

जालंधर कैंट स्टेशन का विकास तथा जम्मू तवी में कोचिंग टर्मिनल विस्तार भी पूर्ण किया गया।

इंजीनियरिंग में रिकॉर्ड कार्य

इंजीनियरिंग विभाग ने 792 टीकेएम डीप स्क्रीनिंग कर अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाया। इसके साथ 25,042 स्टील चैनल स्लीपर बदले गए।

रेलवे ने 59 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग समाप्त किए तथा 431.49 किमी सुरक्षा फेंसिंग का कार्य पूरा किया। इसके अलावा भारतीय रेल में पहली बार 3X मशीन को डायनेमिक टैम्पिंग एक्सप्रेस में अपग्रेड किया गया।

स्टोर्स और स्क्रैप बिक्री में रिकॉर्ड राजस्व

उत्तरी रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से ₹593.37 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व अर्जित कर रेलवे बोर्ड का लक्ष्य पार किया। वहीं स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस के लिए प्रीमियम बेड रोल और नए BIS मानकों के तहत लिनन व्यवस्था लागू की गई।

आरपीएफ की सक्रिय भूमिका

रेलवे सुरक्षा बल ने ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत 528 अपराधियों की गिरफ्तारी की तथा ₹74.66 लाख की रेलवे संपत्ति बरामद की।

?ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते? के तहत 2,026 बच्चों को बचाया गया, जबकि मानव तस्करी के मामलों में 54 बच्चों को रेस्क्यू किया गया।

?ऑपरेशन अमानत? के तहत ₹7.82 करोड़ मूल्य का खोया सामान बरामद कर 4,661 यात्रियों को लौटाया गया।

हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल और ऊर्जा बचत

मैकेनिकल विभाग ने जिंद?सोनीपत सेक्शन पर 85 किमी/घंटा की रफ्तार से हाइड्रोजन ट्रेन ट्रायल सफलतापूर्वक किया। HOG स्कीम से ₹399 करोड़ के डीजल की बचत हुई और 1.19 लाख टन कार्बन क्रेडिट अर्जित किए गए।

इसके साथ ही 6,900 से अधिक कोचों में एरोसोल फायर सिस्टम और 5,700 से अधिक वैगनों/कोचों में RFID टैग लगाए गए।

इलेक्ट्रिकल विभाग की उपलब्धि

उत्तरी रेलवे ने वर्ष 2025-26 में पहली बार एक दशक बाद ?मिशन जीरो SPAD? हासिल किया। सुरक्षा तकनीक में अग्रणी रहते हुए 662 लोकोमोटिव को ?कवच? सिस्टम से लैस किया गया। यात्रियों की सुविधा हेतु स्टेशनों पर 20 नई लिफ्ट और 10 एस्केलेटर भी शुरू किए गए।

प्रेस वार्ता के अंत में महाप्रबंधक ने उत्तरी रेलवे के सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तरी रेलवे भविष्य में भी आधुनिक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर भारत के परिवहन ढांचे की रीढ़ बनकर कार्य करता रहेगा।

हिमांशु शेखर उपाध्याय, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी