जैसलमेर स्टेशन पर 128.25 करोड़ की लागत से आधुनिक कोचिंग मेंटेनेंस डिपो कमीशन, रेल संरक्षा होगी मजबूत

जैसलमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे ने जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर रेल अनुरक्षण सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रेलवे ने यहां ट्रिप शेड, कोचिंग मेंटेनेंस सुविधाएं, व्हील लेथ लाइन तथा सिग्नलिंग कार्यों का नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) के साथ सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर दिया है। इस परियोजना के पूर्ण होने से जैसलमेर में रेल संचालन को गति मिलेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाओं के साथ अधिक ट्रेनों का लाभ मिल सकेगा।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि जैसलमेर में अनुरक्षण सुविधाओं का विस्तार महाप्रबंधक अमिताभ के दिशा-निर्देशों के तहत किया गया है। इसके अंतर्गत आधुनिक कोचिंग मेंटेनेंस डिपो के सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं, जिससे स्थानीय रेल अवसंरचना को मजबूती मिलेगी और भविष्य में जैसलमेर से और अधिक ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार जैसलमेर में कोचिंग मेंटेनेंस सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 128.25 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना में व्हील लेथ लाइन सहित अन्य संबंधित सुविधाएं, इलेक्ट्रिक लोको ट्रिप शेड और उससे जुड़े विभिन्न कार्य शामिल किए गए हैं।

इस कार्य के तहत व्यापक स्तर पर ट्रैक और सिविल निर्माण कार्य किए गए हैं। कुल 4.8 ट्रैक किलोमीटर नई लाइन बिछाई गई, जिससे स्टेशन की कुल प्रभावी ट्रैक लंबाई बढ़कर 8.2 ट्रैक किलोमीटर हो गई। इसके साथ ही 16 नए टर्नआउट लगाए गए और 650 एटी वेल्डिंग कार्य पूरे किए गए। इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए 2400 वर्ग मीटर का विशाल मुख्य शेड तथा 1600 वर्ग मीटर के सहायक भवन भी तैयार किए गए हैं, जो तकनीकी और प्रशासनिक गतिविधियों में उपयोग किए जाएंगे।

ट्रैक्शन डिस्ट्रीब्यूशन (टीआरडी) कार्यों के अंतर्गत संपूर्ण विद्युत वितरण प्रणाली का सफल क्रियान्वयन किया गया है। साथ ही एक नया टावर वैगन साइडिंग भी उपलब्ध कराया गया है। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा नॉन-इंटरलॉकिंग के साथ सिग्नलिंग कार्य को पूरा किया गया, जिससे स्टेशन पर रूट्स की संख्या 56 से बढ़कर 108 हो गई है। इसके अलावा एक लेवल क्रॉसिंग को भी समाप्त कर दिया गया है, जिससे सुरक्षा और संचालन दोनों में सुधार होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार इन अत्याधुनिक अनुरक्षण सुविधाओं के शुरू होने से जैसलमेर में कोचों के रखरखाव की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। नई पिट लाइन के माध्यम से कोचों का बेहतर गुणवत्ता वाला प्राथमिक रखरखाव और अंडरकैरेज संरक्षा निरीक्षण सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं ट्रिप शेड के माध्यम से लोकोमोटिव का अनुरक्षण भी आसानी से किया जा सकेगा।

रेलवे का मानना है कि यह परियोजना न केवल मेंटेनेंस समय को कम करेगी, बल्कि ट्रेनों की होल्डिंग क्षमता भी बढ़ाएगी। इससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुचारू होगा। जैसलमेर में यह नया कोचिंग मेंटेनेंस डिपो क्षेत्र में रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।